जमुई। पटना रेफर किए गए 17 वर्षीय छात्र की 102 एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं मिलने के आरोप के बाद जमुई सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी और इसी दौरान छात्र की हालत बिगड़ गई। अस्पताल वापस लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतक अपने पिता का इकलौता पुत्र था। बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
सांस लेने में परेशानी के बाद सदर अस्पताल लाया गया था छात्र
मृतक की पहचान झाझा थाना क्षेत्र के फतेहपुर कानन गांव निवासी महावीर रजक के 17 वर्षीय पुत्र महेंद्र कुमार रजक के रूप में हुई है।
स्वजन के अनुसार, महेंद्र को अचानक सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। इसके बाद उसे पहले झाझा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में जांच के दौरान उसका ऑक्सीजन लेवल करीब 72 बताया गया। इसके बाद चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
102 एंबुलेंस में ऑक्सीजन को लेकर विवाद
परिजनों ने बताया कि पटना ले जाने के लिए 102 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया। एंबुलेंस पहुंचने के बाद महेंद्र को उसमें बैठाया गया। इसी दौरान एंबुलेंस कर्मी ने वाहन में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने की बात कही और ऑक्सीजन सिलेंडर लाने चला गया।
स्वजन का आरोप है कि एंबुलेंस में मौजूद थोड़ी ऑक्सीजन महेंद्र को दी जा रही थी। ऑक्सीजन तेज किए जाने के बाद एक कर्मी ने कथित तौर पर उसे फिर धीमा कर दिया।
इसी दौरान महेंद्र की सांस लेने की परेशानी बढ़ने लगी और उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई।
हालत बिगड़ी तो एंबुलेंस से उतारकर इमरजेंसी में लाया गया
परिजनों के मुताबिक, छात्र की हालत बिगड़ती देख वे घबरा गए। आनन-फानन में महेंद्र को एंबुलेंस से उतारकर दोबारा सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में ले जाया गया।
वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद महेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में छात्र को करीब पांच मिनट तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिली। इसी वजह से उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

तीन महीने पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था महेंद्र
स्वजन ने बताया कि करीब तीन महीने पहले झाझा थाना क्षेत्र के एकडारा चौक के पास सड़क दुर्घटना में महेंद्र गंभीर रूप से घायल हुआ था। हादसे के बाद उसका पटना में इलाज कराया गया था।
सिर में गंभीर चोट लगने के बाद वह पहले की तुलना में कमजोर हो गया था। हालांकि, परिजनों के अनुसार हादसे के बाद उसकी स्थिति सामान्य थी और वह घर लौट आया था।
रविवार शाम अचानक सांस लेने में परेशानी होने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में देर रात तक परिजनों का हंगामा
छात्र की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और 102 एंबुलेंस कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में हंगामा करने लगे। परिजन मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मृतक के पिता का वह इकलौता बेटा था। बेटे की मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में एंबुलेंस कर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल मृतक के स्वजन की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
«मनीष कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, जमुई ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर एंबुलेंस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।»
अब जांच पर टिकी निगाहें
इस घटना ने सरकारी एंबुलेंस सेवा में मरीजों की सुरक्षा और आपातकालीन ऑक्सीजन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, छात्र की मौत का कारण केवल एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कथित कमी थी या उसकी पहले से गंभीर स्वास्थ्य स्थिति भी इसका कारण बनी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी गंभीर मरीज को पटना रेफर किया गया था, तो एंबुलेंस रवाना होने से पहले उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन और जरूरी आपातकालीन व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की गई?
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
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Written & Edit by : Chandan Patel

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