नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में ‘हॉस्टल डेज’ नाम की इमारत के ढहने से हुई मौतों के बाद अब प्रशासन ने आसपास की खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने हादसे वाली इमारत से सटी एक बिल्डिंग को तोड़ने का काम शुरू कर दिया। इस इमारत में गर्ल्स पीजी चल रहा था और हादसे के बाद इसे खाली करा दिया गया था।

कार्रवाई मंगलवार शाम तक चली और अधिकारियों के मुताबिक इसे बुधवार सुबह फिर शुरू किया जाएगा। पड़ोसी इमारत में रहने वाली छात्राओं ने हादसे से कुछ मिनट पहले अपने कमरों की दीवारों और छत में आई दरारों का वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में बनी दूसरी इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत

सत्य निकेतन में 6 सितंबर को ‘हॉस्टल डेज’ इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए।

हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत-बचाव के साथ-साथ यह पता लगाने की जांच शुरू की कि आखिर इमारत इतनी कमजोर कैसे हुई कि देखते ही देखते ढह गई।

हादसे के बाद पड़ोसी गर्ल्स पीजी को कराया गया खाली

‘हॉस्टल डेज’ से सटी इमारत में गर्ल्स पीजी संचालित हो रहा था। हादसे के बाद अधिकारियों ने इसे भी असुरक्षित मानते हुए खाली करा दिया।

मंगलवार को इसी इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। MCD की टीम ने इमारत को तोड़ने का काम शुरू किया और कार्रवाई शाम तक जारी रही। बाकी कार्रवाई बुधवार सुबह आगे बढ़ाई जाएगी।

सत्य निकेतन
छात्रा पीजी खाली कर के सामान ले जाते हुए

छात्राओं ने हादसे से कुछ मिनट पहले बनाया था दरारों का वीडियो

हादसे से ठीक पहले पड़ोसी गर्ल्स पीजी में रहने वाली दो छात्राओं ने अपने कमरे की दीवारों और छत में आई दरारों का वीडियो बनाया था।

बताया गया है कि छात्राएं दिल्ली विश्वविद्यालय में सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही हैं। वीडियो में एक छात्रा के यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “लगता है गिरने वाली है।”

हादसे से कुछ मिनट पहले बनाया गया यह वीडियो अब भवन की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।

सत्य निकेतन

सत्य निकेतन हादसे में चौथी गिरफ्तारी

इधर, इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा है। यह मामले में चौथी गिरफ्तारी बताई जा रही है।

इससे पहले पुलिस ने पीजी मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके बेटे महेश को गिरफ्तार किया था।

आरोपी दंपती न्यायिक हिरासत में, बेटे को पुलिस रिमांड

पुलिस ने सोमवार रात तीनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। अदालत ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि उनके बेटे महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

पुलिस पूछताछ में महेश ने कथित तौर पर बताया कि पीजी संचालित करने वाली कंपनी की शिकायत के बाद बेसमेंट में पानी भरने और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था।

क्या मशीन की कंपन से कमजोर हुई इमारत?

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण इमारत की स्थिति और बिगड़ी हो सकती है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

FIR में पुरानी नींव पर अतिरिक्त मंजिल बनाने का आरोप

साउथ कैंपस थाने में ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

FIR में आरोप लगाया गया है कि इमारत की पुरानी नींव अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं थी, इसके बावजूद उस पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया।

अब पुलिस निर्माण से जुड़े दस्तावेज, इमारत की संरचनात्मक स्थिति और निर्माण के दौरान किए गए कामों की जांच कर रही है।

MCD सर्वे में 1120 PG में 52 खस्ताहाल मिले

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में पीजी और इमारतों की सुरक्षा को लेकर व्यापक निरीक्षण शुरू किया है।

MCD कमिश्नर के आदेश के बाद किए गए सर्वे के पहले चरण में 1120 पीजी की जांच की गई, जिनमें 52 इमारतें खस्ताहाल पाई गईं।

अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं दूसरी जगह भी ऐसी इमारतें तो नहीं हैं जो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सत्य निकेतन हादसा

सत्य निकेतन में इमारत गिरने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने संकेत दिया कि भवन सुरक्षा का मुद्दा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। अदालत देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरे सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने सुनवाई के दौरान 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुई दुर्घटना का उल्लेख किया।

मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

दिल्ली की इमारतों की होगी सुरक्षा जांच

हादसे के बाद MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में भवनों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों से 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस जांच से जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।

MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी हुआ सस्पेंड

हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को निलंबित कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को दिया गया है।वहसाउथवेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सत्य निकेतन में करीब 300 मकान, 170 में चल रहे PG

सत्य निकेतन की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए इलाके का इतिहास भी अहम है। यह क्षेत्र 1960 और 1970 के दशक के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए विकसित किया गया था।

बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों का विस्तार हुआ तो यहां छात्रों के रहने की मांग तेजी से बढ़ी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मकानों में PG शुरू हो गए।

बताया जाता है कि सत्य निकेतन में करीब 300 मकान हैं, जिनमें लगभग 170 में PG संचालित हो रहे हैं।

पुरानी इमारतों पर बढ़ते भार ने बढ़ाई चिंता

अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट जगदीश ममगैन के मुताबिक दिल्ली की कई पुरानी इमारतों का निर्माण अतिरिक्त मंजिलों का भार उठाने के हिसाब से नहीं किया गया था।

ऐसी इमारतों में समय के साथ अतिरिक्त मंजिलें, बदलाव और निर्माण कार्य होने से संरचना पर दबाव बढ़ सकता है। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पुराने मकानों और PG भवनों की सुरक्षा को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल – जिम्मेदारी किसकी?

सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

एक तरफ पुलिस निर्माण और इमारत की कमजोरी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं MCD ने बड़े पैमाने पर भवनों का सर्वे शुरू किया है। सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के बाद अब इस हादसे की जांच का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी इमारत में पहले से दरारें और संरचनात्मक कमजोरी मौजूद थी, तो उसे समय रहते चिन्हित कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस हादसे के लिए कौन-कौन से कारण और जिम्मेदारियां तय होती हैं।

AVN NEWS | आपकी खबर, आपकी आवाज
www.avnnews.in

Written & Edit by : Chandan Patel

झाझा
ख़बर वही, जो है सही, आपकी खबर, आपकी आवाज

यह भी पढ़ें: देश ओर राज्यों बिहार जमुई और आसपास की स्थानीय खबरों के लिए AVN News पर जुड़े रहें।

झाझा रेल थाना में ड्यूटी को लेकर बवाल, महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों में मारपीट; 7 घायल

निजी जमीन पर पंचायत सरकार भवन निर्माण मामले में हाईकोर्ट सख्त, जमीन मापी का आदेश

जमुई में पहली महिला IPS ने संभाला SDPO का पद, दीप्ति मोनाली के सामने अपराध नियंत्रण की बड़ी चुनौती

बिहार बाढ़: 13 जिलों में 27 लाख लोग प्रभावित, राहत शिविरों में दाल-भात तो मिल रहा, बच्चों का दूध और महिलाओं की जरूरतें गायब

जमुई में दर्दनाक सड़क हादसा: पिकअप ने महिला को कुचला, मौत के बाद सड़क जाम

सत्य निकेतन इमारत हादसा: 6 मौतों के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस, फरार बिल्डिंग मालिक की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी

बिहार में बाढ़ का कहर: पानी बढ़ता गया, अब जनता पूछ रही…आखिर हमारा दर्द कौन सुनेगा?

दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिरी, 5 की मौत; मलबे में दबे युवक ने वीडियो बनाकर मांगी मदद

दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी 5 बहुमंजिला इमारत, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका; 4 रेस्क्यू

भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, फिर 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की जरूरत क्यों?

जमुई में 7 साल की बच्ची की हत्या का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; हुलिया बदलकर भागने की कोशिश भी नाकाम

13 साल बाद SRCC पहुंचे PM मोदी, बोले- ‘Gen-Z ही लिखेगा भारत की नई कहानी’, 100 साल के जश्न में दिया बड़ा संदेश

Swatantra Bhardwaj Controversy: स्वतंत्र भारद्वाज पर SC/ST एक्ट, गिरफ्तारी के बाद बढ़ी मुश्किलें; जानिए क्या है कानून और कितनी हो सकती है सजा

झाझा में IOCL की तेल पाइपलाइन में सेंधमारी, क्रूड ऑयल चोरी की कोशिश

शिक्षक दिवस 2026: गुरु से Google तक बदल गई शिक्षा की दुनिया, लेकिन शिक्षक का महत्व आज भी वही

द्वारपहड़ी मॉडल थाना भवन का भव्य उद्घाटन, मंत्री दामोदर रावत ने किया लोकार्पण; आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ थाना

जंतर-मंतर की 23 जून की घटना को लेकर करीब डेढ़ महीने बाद CJP का सड़क पर उतरना

जमुई में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पुराने मामलों के निपटारे का सुनहरा मौका; 90 दिन से पुराने चालान भी होंगे निपटाए

जन्माष्टमी 2026: आधी रात को ही क्यों जन्मे श्रीकृष्ण? जेल में जन्मे उस बालक की कहानी, जिससे कांपता था कंस

जमुई में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही! सुबह 8 बजे खुलना है अस्पताल, 10 बजे के बाद पहुंचते हैं डॉक्टर-कर्मी, मरीज करते हैं घंटों इंतजार

गिद्धौर स्टेशन के पास रेल ट्रैक किनारे मिला अज्ञात महिला का शव, इलाके में मचा हड़कंप

जमुई सदर अस्पताल में बारिश ने खोली जल निकासी की पोल, गंदे पानी के बीच मरीजों की आवाजाही; प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

नेपाल की बाढ़ और झारखंड की बारिश का असर: गया का भगहर गांव बना टापू, 2 हजार लोग पानी में कैद; पुल के इंतजार में हर साल डूबती जिंदगी

गिद्धौर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात युवती का शव, लाल सलवार-सूट में थी मृतका; पहचान में जुटी पुलिस

जमुई में महिला के बैंक खाते से 3 करोड़ के लेनदेन का खुलासा, सरकारी पैसे का झांसा देकर खुलवाया था खाता; ATM भी दूसरे के कब्जे में

गिद्धौर के कोल्हुआ में 2 करोड़ की पंचायत सरकार भवन पर सवाल: दीवारों में दर्जनों दरारें, पुट्टी से छिपाने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: CJP आंदोलन से जुड़ी FIR रद्द, 5 सितंबर का मार्च वापस; छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश

Jharkhand News: डुमरी विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग, झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ का कहर, एक घर से बच्चे समेत 24 शव बरामद; 955 मौतें, 4,471 लोग अब भी लापता

सोहजना-ढेंकडीह नदी में उफान से कई गांवों का संपर्क टूटा, बच्चों की पढ़ाई पर संकट; पुलिया की मांग तेज

जमुई में किऊल नदी में डूबे मजदूर का 14 घंटे बाद मिला शव, छह दिन पहले ही घर में गूंजी थी बेटी की किलकारी

 

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *