नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में शनिवार का दिन उस वक्त खास बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 13 साल बाद एक बार फिर कॉलेज परिसर पहुंचे। SRCC की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देश की युवा पीढ़ी और खासकर Gen-Z को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के कॉलेज पहुंचते ही छात्रों में उत्साह देखने को मिला। अपने संबोधन में मोदी ने युवाओं की ऊर्जा, नए विचारों और भारत के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा- आपकी भाषा में कहूं, तो के पूर्व छात्र OG (ओरिजनल गैंग्स्टर-पुराने खिलाड़ी) हैं। जिन्होंने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। वे धुरंधर भले न हों, पर दुनियाभर में धूम तो मचाई है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- मोदी माई-बाप कल्चर पसंद करने वालों के सामने चट्टान की तरह खड़ा है। मुझमें हिम्मत है, इसलिए अपना रिपोर्ट कार्ड आपके सामने लेकर आया हूं। मुझे पता है झूठ की गूंज नहीं चलेगी।
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में 2013 में की गई श्रीराम कॉलेज की यात्रा का जिक्र भी किया। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
पीएम नरेंद्र मोदी के जेन-Z को दिए गए मैसेज के 7 पॉइंट्स…
1. SRCC के पूर्व छात्र OG, दुनिया में धूम मचाई: यहां के पूर्व छात्र को जेन-जी लैंग्वेज में कहा जाए तो OG यानी पुराने खिलाड़ी हैं। वे भले ‘धुरंधर’ न हों, लेकिन उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी धूम मचाई।
2. यहां दिया 2013 का भाषण आज भी याद: 13-14 साल बाद भी SRCC में दिया भाषण आज भी चर्चा में है और नई पीढ़ी भी उसे दोबारा देख रही है। तब कहा था कि किसी को गिलास आधा खाली दिखता है, किसी को आधा भरा और किसी को आधा पानी और आधा हवा से भरा। सही नजरिया हर स्थिति में उम्मीद देखना है।
3. 2013 के हालात से भारत काफी आगे आया: 2013 में बैंकिंग सिस्टम तबाह कर दिया गया था। 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। हमारी सरकार में कोविड, रूस-यूक्रेन वॉर, ईरान वॉर जैसे संकट आए। हम सबसे उबर गए। कुछ लोगों के लगा कि अब मोदी को कुचल देंगे। मेरे देश के लोगों की जुबान में इतना दम है कि बुरा चाहने वालों की हसरत दबी रह जाती है।
4. हर बात पर तंज कसने वाले ‘नाराज फूफा’: हर बात पर इसकी क्या जरूरत है कहने वाले लोग‘नाराज फूफा’ हैं, जो बुलेट ट्रेन, यूपीआई, और नई संसद जैसे कामों पर सवाल उठाते हैं।
5. पीएम ने दिमागी नक्सल और होम्योपैथी की गोली का जिक्र किया: 15 अगस्त को मैंने ‘दिमागी नक्सल’ कहकर ऐसी ‘होम्योपैथी की गोली’ दी। होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे। जनता उनका असली रंग देख रही है।
6. आज भारतीय युवा बड़े सपने देख रहा है: आज हमारा नौजवान साथी कहता है कि स्टार्टअप बनाऊंगा। यूनिकॉर्न खड़ा करूंगा। स्पेस से जुड़ा स्टार्टअप करूंगा। 2013 से पहले आपके सीनियर ऐसे सपने नहीं देखते थे। हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं तो वो कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हैं।
7. पीएम नरेंद्र मोदी ने युवाओं संकल्प दिलाया: पीएम ने युवाओं से कहा कि नाव हमारी हो, नाविक भी हमारा हो। लहरों पर विजय लिखे, वो हौसला हमारा हो। उड़ान हमारी हो, हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो। सपना हमारा हो, संकल्प हमारा हो। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हमारा हो। विकसित भारत की राह में उठता हर कदम हमारा हो।
संबोधन के आखिर में बोले- हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो
संबोधन के आखिर में पीएम बोले- नाव हमारी हो नाविक भी हमारा हो। लहरों पर विजय लिखे वो हौसला हमारा हो। उड़ान हमारी हो, हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो। सपना हमारा हो, संकल्प हमारा हो। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हमारा हो। विकसित भारत की राह में उठता हर कदम हमारा हो।
2013 से पहले आपके सीनियर्स सपने नहीं देख पाते थे, आज समय बदला
संबोधन के दौरान मोदी ने कहा- आज हमारा नौजवान साथी कहता है कि स्टार्टअप बनाऊंगा। यूनिकॉर्न खड़ा करूंगा। स्पेस से जुड़ा स्टार्टअप करूंगा। 2013 से पहले आपके सीनियर ऐसे सपने नहीं देखते थे। लेकिन आज समय बदल गया है। आप संकल्प लीजिए कि दुनिया के ग्लोबल फर्म्स हमारे क्यों नहीं हो सकते हैं। हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं तो वो कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हैं।
2013 में देश में बैंकों में संकट आया, पूरी सरकार हिल गई थी
मोदी ने कहा- मैं एक बार फिर आपको पुराने दिनों में ले जाना चाहता हूं। याद कीजिए 2013 में केदारनाथ में आपदा आई तो पूरी सरकार हिल गई थी। 2008 में बैंकों का संकट आया था तब भारत का बैंकिंग सिस्टम तबाह कर दिया गया था। 2008 में ही मुंबई में आतंकी हमला हुआ लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। हमारी सरकार में भी संकट आए पर ऐसे नहीं हुए। पिछले 6 सालों में कोविड, रूस यूक्रेन वॉर, ईरान वॉर जैसे संकट आए। लोगों को लगा अब मोदी को कुचल देंगे। पर मेरे देश के लोगों की जुबान में इतना दम है कि भारत का बुरा चाहने वालों की हसरत दबी की दबी रह जा रही है।
मोदी बोले- मैंने होम्योपैथी की गोली दी, दिमागी नक्सल बाहर आने लगे
बीते दशक में करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं। जब नए बाजार खुलते हैं तो भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होते हैं। आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है। पर कुछ लोगों में बौखलाहट शुरू हो गई है। मैंने ऐसे लोगों के लिए लाल किले से 15 अगस्त को होम्योपैथी की गोली दी थी। तब मैंने एक शब्द कहा था- दिमागी नक्सल। होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे। पर जनता उनका असली रंग देख रही है।
मोदी बोले- देश में कुछ लोग नाराजफूफा जैसे
प्रधानमंत्री ने विपक्ष और विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा- “देश में अलग-अलग प्रजाति के लोग हैं। एक वो जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं। और दूसरे जो हर चीज में नाराज फूफा बन जाते हैं। उनका एक ही डायलॉग है- इसकी क्या जरूरत है। जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे, उन्होंने कहा इसकी जरूरत ही क्या है। इन्होंने बुलेट ट्रेन, UPI, चिप और नई संसद पर भी ऐसा ही कहा। हमने देश के लिए मरने वाले सेना नायकों का मेमोरियल बनाया तो फूफा फिर मैदान में आ गए। लेकिन भारत ने ऐसे फूफाओं को जवाब दिया।”
देश के युवाओं पर भरोसा जताया, बोले- आप विकसित भारत बनाएंगे
पीएम ने कहा- “मुझे देश पर भरोसा है। देश के युवाओं पर भरोसा है। मुझे विश्वास है हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर विकसित भारत को संभव बनाएंगे। आने वाले समय में रिसर्च और इनोवेशन का हब भारत होगा। भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और वो दिन भी आप देखेंगे। आप देखिएगा भारत एक दिन ऐसे ओलंपिक का आयोजन करेगा कि दुनिया देखेगी।”
पीएम मोदी ने कहा- “साथियों अभी आपकी जिंदगी SRCC मोड पर चल रही है। इसमें कोल्ड कॉफी पर होने वाली चर्चा, एग्जाम के लास्ट टाइम होने वाली मेहनत और बिजनेस कॉन्क्लेव पर की मेहनत शामिल है। लेकिन इस कैंपस के बाहर आपको एक अलग दुनिया मिलेगी। ”
पीएम बोले- मैं छोटे-आसान लक्ष्य रखने वाला आदमी नहीं
प्रधानमंत्री बोले- मैंने कहा था कि मेड इन इंडिया पर काम करने की जरूरत है, तो उस वक्त के लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों, आज आप मेड इन इंडिया की ताकत देख रहे हैं। दुनिया के बड़े स्मार्टफोन भारत में बनते हैं। आज भारत 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा के मोबाइल एक्सपोर्ट करता है।
पीएम ने कहा- मैं छोटे और आसान लक्ष्य रखने वाला आदमी नहीं हूं। मैं बड़े लक्ष्य रखता हूं। पहले भारत के लिए डिफेंस का सामान बाहर से आता था। मैंने कहा 500 चीजों की निगेटिव लिस्ट बनाइए। पहले छोटी-छोटी चीजों के लिए महीनों रुकना पड़ता था। आज भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ऑल टाइम हाई पर है। आज भारत करीब 2 लाख करोड़ का डिफेंस प्रोडक्शन कर रहा है। 2014 में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट कुछ सौ करोड़ था, आज ये आंकड़ा 40 हजार करोड़ का है।
2014 से बदली तस्वीर, आज लोग फिनटेक के दौर में जी रहे
मोदी ने कहा- 2014 में सरकार बनने के बाद हमने ये करके दिखाया। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। हाल ही में जनधन योजना को 12 साल पूरे हुए। आज आप फिनटेक के अलग ही दौर में जी रहे हैं। लेकिन 2014 से पहले गांव और छोटे शहरों के बच्चों को सेविंग अकाउंट खुलवाने के लिए स्ट्रगल करना पड़ता था। इसलिए हम जनधन स्कीम लेकर आए। और पिछले 12 साल में इससे 60 करोड़ नए अकाउंट खुले।
पीएम ने कहा- 2013 में दुनिया भारत को फ्रैजाइल फाइव में गिनती थी
स्पीच में दौरान मोदी बोले- 2013 के समय दुनिया भारत को फ्रेजाइल 5 बता रही थी। अभी दुनिया भारत को 5 सबसे बड़ी इकॉनमी में देख रही है। पिछले हफ्ते ही हमने 7.8% की ग्रोथ दर्ज की। ये ऐसे समय में आई है, जब वेस्ट एशिया क्राइसिस चरम पर है। ट्रेड से जुड़ी दिक्कतें हैं। ये भारत की उपलब्धि को दर्शाता है।
जो लोग भारत को फ्रेजाइल 5 में धकेलने के लिए आगे रहे हैं, वो इन्हें नहीं मानेंगे पर आप समझते हैं। आज कंज्यूमर डिमांड भी बढ़ रही है। स्टील प्रोडक्शन में 8% की ग्रोथ हुई है। यहां भारत ग्रो भी कर रहा है और रोजगार के नए अवसर भी बना रहा है। लेकिन इसके बाद भी 2013 में जिन लोगों के लिए ग्लास आधा खाली था उनके लिए आज भी खाली रहेगा। मैं ग्लास की ही बात कर रहा हूं।
मोदी ने 13 साल पहले दी स्पीच की खास बातें दोहराईं
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 2013 में दी गई अपनी स्पीच की खास बातें दोहराईं । उन्होंने कहा- “उस समय आप सब स्कूल में रहे होंगे। पर आज इंटरनेट पर जाकर उस समय की खबरें पढ़ेंगे तब आपको पता चलेगा उस समय देश में क्या हालत थी। मैं चाहूंगा कि आप इंटरनेट पर पढ़ें। मैं उस वक्त की हेडलाइन की कुछ झलक दिखाना चाहता हूं। LOC पर भारतीय सैनिकों की हत्या। वर्ल्ड बैंक ने GDP का नंबर घटाया। महंगाई दर 10% के करीब। हेलिकॉप्टर में घूसखोरी और हैदराबाद में ब्लास्ट ये उस समय की हेडलाइंस थीं।”
मोदी बोले- “उस समय अर्थव्यवस्था बेहाल थी। दुनिया भारत को फ्रेजाइल 5 में गिन रही थी। और आतंकी बेलगाम थे। यानी तब हताशा और निराशा के अलावा कुछ नहीं था। एक वो समय था जब सब जगह स्ट्रगल ही स्ट्रगल था। पर आज आतंकी पस्त हैं। पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो भारत की सेना घर में घुसकर मारती है। माओवादी आतंक की कमर तोड़ दी गई है।”
पीएम मोदी बोले- देश के लिए जीने का जज्बा मेरे अंदर भावविष्ट
स्पीच के दौरान पीएम ने कहा- “देश के लिए जी जान से जुटना। देश के लिए जीने का जज्बा, जो मेरे अंदर भावविष्ट है। वो 2013 में यहीं से शब्दों की माला में गढ़ता गया। मैं काफी देर बोला था। मैंने उस दिन पानी के ग्लास का एक उदाहरण दिया था। मैंने कहा था कि पानी के आधे भरे ग्लास को देखने के तीन नजरिए क्या होते हैं। एक जिनको ग्लास आधा खाली दिखता है। दूसरा जिन्हें ग्लास आधा भरा दिखता है। और तीसरा जिन्हें ग्लास पूरा भरा दिखता है। आधा हवा से आधा पानी से।”
पीएम बोले- कुछ दिन इस आयोजन की खूब चर्चा है
पीएम मोदी ने कहा- “कुछ दिनों से इस कार्यक्रम की खूब चर्चा है। लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसे रिविजिट किया है। आज भी 13-14 साल बाद भी उस सभा और संबोधन का प्रभाव बरकरार है। साथियों तब आपकी जगह आपके सीनियर थे। मैं तब सीएम तो था पर मैं विपक्षी पार्टी में था। लोग उम्मीद कर रहे थे कि मैं उस वक्त तब की केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दूंगा। पर मैंने इस मंच का वो उपयोग नहीं किया। मैंने एक विजन रखा था। मैंने तब जो कहा था वो मेरा कनविक्शन था।”
पीएम बोले- यहां के एलुमिनाई जेन जी की भाषा में OG और धुरंधर
इस कॉलेज की यात्रा दरियागंज के एक छोटे से स्थान से शुरू हुई थी। और वही छोटा कॉलेज एक विशाल वृक्ष बन चुका है। इसने कई लोगों को छांव और शीतलता दी है।
आज भी जब कोई पूछता है कि DU में कौन सा कॉलेज, तो SRCC कहना ही अपने आप में फ्लैक्स होता है। आपकी भाषा में कहूं तो यहां के एल्युमनाई OG हैं।
जिन्होंने SRCC का नाम पूरी दुनिया में पहुंचाया। हमारे अरुण जेटली जी यहीं पढ़े थे। और मैं कह सकता हूं कि हमारी ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई जहां उन्होंने SRCC की बात न की हो। कभी-कभी तो मैं तंग आ जाता था।
लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसे रिविजिट किया है।
पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू, बोले- मैं छठा खिलाड़ी हूं
पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में एलुमिनाई स्टूडेंट्स के नाम लिए और फिर बोले- मैं छठा खिलाड़ी हूं। आज का ये अवसर बहुत ऐतिहासिक है। ये देश के शिक्षा जगत के लिए भी अहम है। यहां SRCC का हिस्सा रही अनेक पीढ़ियां जुड़ी हैं।
पीएम मोदी ने कहा- मैं कॉलेज के संस्थापक सर श्री राम जी का भी धन्यवाद करता हूं। जब कोई इंसान 100 साल जीता है तो उसके अनुभवों का सागर माना जाता है। और जब कोई संस्थान ऐसा करता है तो वो उपलब्धियों का महासागर हो जाता है।
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Written & Edit by : Chandan Patel

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