नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक 5 मंजिला पुरानी इमारत अचानक भर भराकर गिर गई। और कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। वही इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
वही, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। वहां के स्थानीय लोग भी राहत और बचाव अभियान में जुट गए और हथौड़ों की मदद से मलबा हटाने की कोशिश करते नजर आए। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं।
मलबे में दबे युवक ने बनाया वीडियो, कहा- मुझे बचा लो
हादसे के बाद एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है। मलबे में दबे एक युवक ने खुद अपना वीडियो बनाकर लोगों से रेस्क्यू करने की अपील की।
घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने AVN News के रिपोर्टर सूरज विश्कर्मा को बताया कि मलबे में दबा युवक उसका दोस्त है। उसके मुताबिक, वह बार-बार फोन कर रहा है और कह रहा है कि “मुझे बचा लो।” इस सूचना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में बेचैनी और बढ़ गई।

बेसमेंट में जमा था पानी, खुदाई की भी सामने आई बात
स्थानीय लोगों और सूत्रों के मुताबिक, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में पानी जमा था। चश्मदीदों का दावा है कि बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई का काम भी चल रहा था।
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुरानी इमारत की संरचनात्मक स्थिति, बेसमेंट में पानी और खुदाई जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
40-50 साल पुरानी थी इमारत, हॉस्टल में रहते थे छात्र
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें हॉस्टल संचालित हो रहा था और बड़ी संख्या में छात्र वहां रहते थे।
हादसे में मरने वालों में एक छात्र और एक मजदूर के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। दो मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
इमारत मालिक के खिलाफ केस दर्ज
मिली जानकारी के मुताबिक, इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले में इमारत की स्थिति, निर्माण और बेसमेंट में चल रहे कथित काम समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
दोपहर 1:30 बजे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि हादसा रविवार को करीब दोपहर 1:30 बजे हुआ। अचानक इमारत गिरने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव टीमों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
पास की दूसरी इमारत को लेकर भी चिंता
हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास की इमारतों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे के बगल में मौजूद एक अन्य इमारत भी गिरने की स्थिति में बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर वहां मौजूद लोगों को बाहर निकाल लिया गया है।
ऐसे में राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ आसपास की इमारतों की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में रहते हैं छात्र
दक्षिण दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित प्रमुख छात्र इलाकों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं।
इलाके के आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थान हैं। इसी वजह से यहां पूरे दिन छात्रों की आवाजाही रहती है।
हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं
दिल्ली में जर्जर और कमजोर इमारतों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में 98 लोगों की मौत हुई।
सत्य निकेतन की घटना ने एक बार फिर राजधानी में पुरानी इमारतों की सुरक्षा, अवैध निर्माण, बेसमेंट में होने वाले काम और भवनों की नियमित जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़ा सवाल: हादसे से पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
सत्य निकेतन जैसे छात्र बहुल इलाके में पुरानी इमारतों में हॉस्टल और PG संचालित होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। अब सवाल यह है कि यदि इमारत 40-50 साल पुरानी थी और बेसमेंट में खुदाई या अन्य निर्माण कार्य चल रहा था, तो क्या संबंधित विभागों की ओर से इसकी जांच की गई थी?
फिलहाल हादसे की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। लेकिन इस घटना ने दिल्ली में पुराने भवनों की सुरक्षा और छात्र आवासों की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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Written & Edit by : Chandan Patel

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