जमुई/सिमुलतला। खेत में फसल की सिंचाई के लिए बांस-बल्ले के सहारे खींचा गया बिजली का तार एक किसान की जिंदगी पर भारी पड़ गया। सिमुलतला थाना क्षेत्र के चरैया गांव में बड़ूआ नदी के पास रविवार सुबह बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से 65 वर्षीय किसान नारायण राणा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।

हादसे ने खेतों तक बिजली पहुंचाने के तरीके और खुले तारों से ग्रामीण इलाकों में पैदा हो रहे जानलेवा खतरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शौच के लिए खेत की ओर गए थे किसान

ग्रामीणों के अनुसार, चरैया गांव निवासी नारायण राणा सुबह शौच के लिए खेत की ओर गए थे। इसी दौरान वे खेतों की सिंचाई के लिए बांस और बल्लों के सहारे खींचे गए कथित नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए।

करंट इतना तेज था कि नारायण राणा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों को घटना की जानकारी करीब एक घंटे बाद मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

बिजली
65 वर्षीय किसान नारायण राणा की मौके पर ही मौत

ग्रामीणों ने डायल 112 को दी सूचना

हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।

सिमुलतला थाना पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया।

बांस-बल्ले के सहारे खींचे गए तार ने बढ़ाया खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिए यदि तारों को खुले और असुरक्षित तरीके से बांस-बल्ले के सहारे खींचा गया था, तो इससे पहले से ही हादसे का खतरा बना हुआ था।

ग्रामीणों का सवाल है कि खेतों और बहियार में इस तरह के असुरक्षित बिजली तारों की निगरानी कौन करता है और किसी बड़े हादसे से पहले इन्हें हटाने की जिम्मेदारी किसकी है?

JE बोले- विभाग ने खुले तार नहीं खींचे, निजी तौर पर लगाया गया तो होगी जांच

मामले में विद्युत विभाग के कनीय अभियंता (JE) से पक्ष लिया गया। JE ने कहा कि उन्हें घटना की आधिकारिक सूचना अभी प्राप्त नहीं हुई है।

खुले और नंगे तारों के संबंध में उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कहीं भी इस तरह खुले तार नहीं खींचे जाते हैं और नंगे तार लगाने की व्यवस्था अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

JE के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता ने निजी तौर पर बांस-बल्ले के सहारे बिजली का तार खेत तक पहुंचाया है, तो मामले की जांच कराई जाएगी।

मुआवजे पर जांच के बाद होगा फैसला

मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने के सवाल पर JE ने कहा कि पहले जांच में यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम

नारायण राणा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है।

एक किसान की इस तरह करंट की चपेट में आकर मौत ने ग्रामीण इलाकों में बिजली सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अब जांच से ही सामने आएगी हादसे की असली वजह

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। खेत तक बिजली का तार किसने खींचा था, तार किस स्थिति में था और वह विभागीय कनेक्शन था या निजी तौर पर लगाया गया था, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

लेकिन इस हादसे ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है – अगर खेतों में खुले बिजली तार मौत का जाल बन रहे थे, तो हादसे से पहले संबंधित विभाग की नजर वहां क्यों नहीं पड़ी?

अब ग्रामीणों की नजर पुलिस और विद्युत विभाग की जांच पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है और मृतक किसान के परिवार को नियमानुसार क्या राहत मिलती है।

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पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए

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Written & Edit by : Chandan Patel

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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