नई दिल्ली। अगर आपका आज बैंक में कोई जरूरी काम है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। SBI, PNB, Union Bank समेत देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंकों की शाखाएं लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रहेंगी। बैंक कर्मचारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-डे बैंकिंग की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है।
हड़ताल के अगले दिन 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और उसके बाद 13 सितंबर को रविवार है। ऐसे में बैंक शाखाओं में लगातार तीन दिन सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा।
हालांकि, ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। वहीं, शाखा से जुड़े कामों के लिए ग्राहकों को बैंक खुलने तक इंतजार करना पड़ सकता है।

5-डे बैंकिंग की मांग पर दो साल से इंतजार
बैंक यूनियनों का सबसे प्रमुख मुद्दा 5-डे बैंकिंग है। UFBU के मुताबिक, 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें ज्वाइंट नोट में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी।
प्रस्ताव के मुताबिक बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक काम करेंगे, जबकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा।
यूनियनों का कहना है कि प्रस्ताव को IBA की ओर से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन लंबे समय के बावजूद इस पर अंतिम सरकारी मंजूरी नहीं मिली है।
क्या है 5-डे बैंकिंग का प्रस्ताव?
फिलहाल बैंक कर्मचारियों को महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। प्रस्ताव लागू होने के बाद हर शनिवार बैंक कर्मचारियों के लिए अवकाश होगा।
इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
यानी बैंकिंग व्यवस्था में कुल कार्यदिवस कम होंगे, लेकिन प्रस्ताव के अनुसार सप्ताह के कार्यदिवसों में अतिरिक्त समय देकर इसकी भरपाई की जाएगी।
PLI स्कीम को लेकर भी बैंक यूनियनों में नाराजगी
हड़ताल का मुद्दा केवल 5-डे बैंकिंग तक सीमित नहीं है। बैंक यूनियनों ने नई Performance Linked Incentive (PLI) स्कीम को लेकर भी आपत्ति जताई है।
UFBU का आरोप है कि नई PLI व्यवस्था में अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच बड़ा अंतर पैदा किया गया है।
किसे कितना PLI मिलने का प्रस्ताव?
यूनियनों के अनुसार :
- स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI का प्रावधान है।
- वहीं वर्कमेन और स्केल I से III के कर्मचारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों के बेसिक पे + डीए तक का प्रावधान बताया गया है।
- बैंक यूनियनों का तर्क है कि इंसेंटिव बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए और कर्मचारियों के बीच इस तरह का बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए।
- बैंक यूनियनों का तर्क है कि इंसेंटिव बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए और कर्मचारियों के बीच इस तरह का बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट और श्रम आयुक्त तक पहुंचा मामला
PLI को लेकर विवाद अब कानूनी और श्रम विवाद की प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। यूनियनों के अनुसार मामला मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया में लंबित है।
इसके अलावा PLI व्यवस्था को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों की मांग है कि सरकार और बैंक प्रबंधन बातचीत के जरिए इंसेंटिव व्यवस्था में संशोधन करें।
पेंशन अपडेशन और OPS भी प्रमुख मांगों में
बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित कुछ अन्य मांगों को भी हड़ताल के दौरान उठा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से –
- सभी पेंशनभोगियों के लिए पेंशन अपडेशन और सुधार
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला
- NPS के अंतर्गत आने वाले बैंक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प
- कर्मचारियों के लिए बेहतर सेवा शर्तें और समान इंसेंटिव व्यवस्था शामिल हैं।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने सरकार और बैंक प्रबंधन को आगे की कार्रवाई को लेकर भी चेतावनी दी है। UFBU का कहना है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं निकाला गया तो 26 अक्टूबर से देशभर में अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू की जा सकती है।
इसका सीधा असर बैंक शाखाओं के नियमित कामकाज और ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
बैंक बंद रहने के दौरान ग्राहक कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल डिजिटल माध्यम से कर सकते हैं। UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
हालांकि, कैश जमा-निकासी की बड़ी जरूरत, चेक से जुड़े काम, KYC, दस्तावेज जमा करने, बैंक अधिकारी से मिलने या अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए ग्राहकों को बैंक खुलने का इंतजार करना पड़ सकता है।
इसलिए जिन ग्राहकों को शाखा जाकर जरूरी काम करना है, उन्हें बैंक खुलने के बाद ही अपनी विजिट प्लान करनी चाहिए।
बैंक हड़ताल का बड़ा सवाल
5-डे बैंकिंग की मांग अब सिर्फ कर्मचारियों की छुट्टी का मुद्दा नहीं रह गई है। एक तरफ बैंक कर्मचारी इसे कार्य-जीवन संतुलन और लंबे समय से लंबित समझौते को लागू करने का विषय बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता और ग्राहकों की सुविधा भी महत्वपूर्ण है।
अब निगाहें केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन पर हैं कि क्या बातचीत के जरिए इन मुद्दों का समाधान निकाला जाता है या फिर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति बनती है।
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Written & Edit by : Chandan Patel

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