जमुई/झाझा: झाझा में इलाज के बाद एक महिला की परेशानी ने निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झाझा मैक्स हॉस्पिटल में बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद महिला को कथित तौर पर लगातार पेशाब रिसने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब डॉक्टर से दोबारा शिकायत की गई तो उन्हें कुछ दिनों में समस्या ठीक हो जाने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। लेकिन 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महिला की परेशानी कम नहीं हुई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जब स्थानीय समाजसेवी ने अस्पताल प्रबंधन से सवाल किया तो कथित तौर पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद जब मीडिया मौके पर पहुंची और परिजन अपनी परेशानी बता रहे थे, तभी अस्पताल संचालक और मीडिया कर्मियों के बीच भी नोकझोंक की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर झाझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
ऑपरेशन के बाद शुरू हुई महिला की परेशानी
जानकारी के अनुसार, लोहा पंचायत के लहथरा गांव निवासी मीना देवी को बच्चेदानी में सूजन की शिकायत थी। परिजनों के मुताबिक इसी समस्या को लेकर उनका ऑपरेशन झाझा मैक्स हॉस्पिटल में कराया गया।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला को पेशाब रोकने में परेशानी होने लगी और लगातार पेशाब रिसने की समस्या बनी हुई है। परेशानी बढ़ने पर परिजन दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचे।
डॉक्टर ने दो-तीन दिन में ठीक होने की बात कही: परिजन
परिजनों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या की जानकारी डॉक्टर शोभाकांत पांडे को दी। आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें बताया कि दो-तीन दिन में समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी।
हालांकि, परिजनों का दावा है कि 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद महिला की परेशानी बरकरार है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है और वे इलाज तथा ऑपरेशन की स्थिति को लेकर जवाब चाहते हैं।
महत्वपूर्ण: महिला की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति और ऑपरेशन के बाद पेशाब संबंधी समस्या का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय से ही स्पष्ट हो सकेगा।
समाजसेवी को जानकारी देने के बाद बढ़ा विवाद
मरीज की परेशानी से चिंतित परिजनों ने मामले की जानकारी लोहा पंचायत के समाजसेवी जितेंद्र यादव को दी। परिजनों का आरोप है कि जब समाजसेवी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से मामले को लेकर बात करने की कोशिश की तो डॉक्टर के साथ विवाद हो गया।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने समाजसेवी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मीडिया के पहुंचते ही अस्पताल में नोकझोंक
मामले की जानकारी मिलने के बाद जब मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे और महिला के परिजन अपनी परेशानी बता रहे थे, तभी अस्पताल संचालक मंटू यादव परिजनों को कथित तौर पर धमकाने लगे।
इसी दौरान मीडिया कर्मियों और अस्पताल संचालक के बीच भी नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की सूचना मिलने पर झाझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
घटना के बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, महिला के परिजन ऑपरेशन के बाद उत्पन्न हुई समस्या को लेकर चिकित्सकीय जवाबदेही और उचित इलाज की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में ऑपरेशन से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल के दस्तावेज, डॉक्टर की राय और महिला की वर्तमान मेडिकल जांच महत्वपूर्ण होगी। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की परेशानी का कारण क्या है और इसमें चिकित्सकीय लापरवाही हुई है या नहीं।
पुराने मामले का भी परिजनों ने उठाया जिक्र
परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से डॉक्टर शोभाकांत पांडे से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया गया है। उनका कहना है कि जमुई के केनुहट स्थित मां दुर्गा हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के मामले को लेकर पूर्व में समाचार प्रकाशित हुए थे।
हालांकि, पुराने मामले और वर्तमान घटना के बीच कोई सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वर्तमान मामले की जांच को उसके उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
मरीज को बेहतर इलाज और निष्पक्ष जांच की जरूरत
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल महिला की स्वास्थ्य स्थिति और ऑपरेशन के बाद पैदा हुई समस्या को लेकर है। यदि मरीज को वास्तव में लगातार पेशाब रिसने की समस्या हो रही है तो उसे जल्द से जल्द योग्य विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच और उचित उपचार मिलना जरूरी है।
साथ ही, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक का पक्ष भी सामने आना चाहिए, ताकि पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सके। AVN News इस मामले में सामने आए सभी पक्षों को निष्पक्ष रूप से रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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Written & Edit by : Chandan Patel

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