चकाई/जमुई। शनिवार की देर रात चकाई-जमुई मुख्य मार्ग एनएच-333 पर दोबघाट पुल अचानक अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। दुमका से धान का भूसा लादकर लखीसराय जा रहा एक ट्रक स्टेयरिंग फेल होने के बाद अनियंत्रित होकर पुल पर पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें सवार चालक समेत कई लोग भूसे और ट्रक के मलबे के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
स्टेयरिंग फेल होने से अनियंत्रित हुआ ट्रक
जानकारी के अनुसार, ट्रक दुमका से धान का भूसा लेकर लखीसराय की ओर जा रहा था। इसी दौरान दोबघाट पुल के पास अचानक ट्रक का स्टेयरिंग फेल हो गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सड़क पर पलट गया।
हादसा इतना जोरदार था कि ट्रक में लदा भूसा चारों तरफ फैल गया और उसमें सवार लोग भूसे तथा ट्रक के मलबे के नीचे दब गए।
जेसीबी की मदद से निकाले गए दबे लोग
घटना की सूचना मिलते ही चकाई और चंद्रमंडीह थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल जेसीबी मशीन मंगाई गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद भूसे और ट्रक के मलबे को हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला।
डायल-112 और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए घायल
हादसे में घायल लोगों को डायल-112 वाहन और एंबुलेंस की मदद से चकाई रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया।
घायलों की पहचान लखीसराय जिले के साम टोला निवासी चालक रामप्रवेश पासवान, कृष्ण पासवान, संजय पासवान, पप्पू पासवान, किशोर पासवान और मिंटू मंडल के रूप में हुई है।
प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पप्पू पासवान और किशोर पासवान को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया है।

श्रावण मास के कारण एनएच-333 पर लगा लंबा जाम
श्रावण मास को लेकर इस मार्ग पर पहले से ही वाहनों का दबाव अधिक था। ऐसे में दोबघाट पुल पर ट्रक के पलट जाने से एनएच-333 पर करीब एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
सड़क के बीचोंबीच ट्रक पलटने और भूसा फैल जाने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस की मौजूदगी में रास्ता साफ कराया गया और यातायात को सामान्य कराया गया।
इस हादसे ने फिर से उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
दोबघाट पुल पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेयरिंग फेल जैसी तकनीकी खराबी के कारण हुए हादसे में कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
नोट: उपलब्ध जानकारी में एक जगह पांच लोगों के दबने की बात कही गई है, जबकि घायलों की सूची में छह लोगों के नाम हैं। इसलिए समाचार में छह घायलों का उल्लेख किया गया है।
Written & Edit by : Chandan Patel

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