लखीसराय: बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वही सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
भीड़ का दबाव बढ़ते ही टूटी बैरिकेडिंग
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के अनुसार, सोमवार सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ जुट रही थी। प्रशासनिक टीम करीब सुबह 4:30 बजे से ही मौके पर मौजूद थी और सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
डीएम ने बताया कि करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के ठहराव के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक और बढ़ गई। इसी दौरान करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच भीड़ का दबाव बढ़ने से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई।
बैरिकेडिंग टूटते ही कुछ श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। देखते ही देखते वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हादसे में कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

छह श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस और अन्य उपलब्ध साधनों से नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया।
एसडीपीओ शिवम कुमार ने छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
लखीसराय डीएम पहले से मौजूद थी प्रशासन की टीम
डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पहले से ही व्यापक इंतजाम किए गए थे।
मंदिर परिसर में पुलिस बल, स्वास्थ्यकर्मी, एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस समेत कई जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इसके बावजूद अचानक बढ़े भीड़ के दबाव के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी
भगदड़ जैसी स्थिति बनते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने परिजनों को खोजने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस और प्रशासन के जवानों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया गया।
घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने का काम शुरू किया गया। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे की वजह की जांच शुरू
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, अचानक बढ़ी भीड़ और भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूटना हादसे की प्रमुख वजह बताई जा रही है।
हालांकि, घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
प्रशासन की अपील—अफवाहों पर ध्यान न दें
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। श्रद्धालुओं और आम लोगों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है।
अशोकधाम मंदिर हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घटना के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और मंदिर परिसर में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करना है।
नोट: मृतकों और घायलों की संख्या तथा घटना से जुड़ी अन्य जानकारी प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर बदल सकती है।
Written & Edit by : Chandan Patel

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