जमुई (बिहार): अवैध बालू खनन और परिवहन पर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जमुई जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के रतनपुर चौक के समीप पुलिस गश्ती के दौरान बालू लदे दो ट्रैक्टरों को रोके जाने और कुछ देर बाद छोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। ट्रैक्टरों को किस आधार पर छोड़ा गया, इसे लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों ट्रैक्टरों के चालकों के पास बालू परिवहन से संबंधित वैध कागजात नहीं थे। हालांकि, ट्रैक्टरों के चालान और अन्य दस्तावेजों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, जमुई एसडीपीओ ने मामले की जानकारी मिलने की बात कही है और चालान की जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
गिद्धौर के रतनपुर चौक पर क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार, गिद्धौर थाना क्षेत्र में पुलिस गश्ती के दौरान रतनपुर चौक के पास बालू लदे दो ट्रैक्टरों को रोका गया था। लोगों का कहना है कि कुछ देर तक रोकने के बाद दोनों ट्रैक्टरों को वहां से जाने दिया गया।
इसके बाद ट्रैक्टरों को छोड़े जाने के आधार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि बालू परिवहन से संबंधित दस्तावेजों में कोई कमी थी, तो नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से ट्रैक्टरों को छोड़े जाने के कारणों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
क्या दोनों ट्रैक्टरों के पास वैध चालान था?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल दोनों ट्रैक्टरों के बालू परिवहन से संबंधित दस्तावेजों को लेकर है। स्थानीय लोगों का दावा है कि ट्रैक्टर चालकों के पास वैध कागजात नहीं थे। लेकिन, दस्तावेजों की जांच के बिना इस दावे को प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
अब सवाल यह है कि क्या दोनों ट्रैक्टरों के चालान और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई थी? यदि जांच हुई थी, तो उन्हें छोड़ने का आधार क्या था? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जिलाधिकारी और खनन विभाग से जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और खनन विभाग से जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दोनों ट्रैक्टरों के पास बालू परिवहन के वैध दस्तावेज थे या नहीं और उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जांच से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
एसडीपीओ बोले- चालान की जांच कराकर होगी कार्रवाई
मामले को लेकर जमुई एसडीपीओ ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टरों के चालान की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर पुलिस और खनन विभाग की जांच पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों ट्रैक्टरों को किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और बालू परिवहन से जुड़े नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
Written & Edit by : Chandan Patel
Reported by : Chandan Patel
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