जमुई | मड़वा पहाड़ प्रकरण | पीड़ित परिवार की आपबीती : जमुई के चर्चित मड़वा पहाड़ प्रकरण में पीड़ित छात्र के परिवार की आपबीती सामने आई है। जिस बेटे के साथ हुई घटना की जानकारी पिता को पहले दूसरों से मिली और फिर मोबाइल पर वायरल वीडियो के जरिए उन्हें पूरी घटना का अंदाजा हुआ, उसी बेटे ने डर और सदमे के बीच अपने परिवार को आपबीती सुनाई। पिता के मुताबिक, वीडियो देखने के बाद वह घबरा गए और तुरंत घर पहुंचे। वहां उनका बेटा अपने कमरे में लेटा था। परिवार के अनुसार, घटना के बाद छात्र काफी सहमा हुआ था और करीब दो दिनों तक उसने ठीक से खाना-पीना भी नहीं किया।

पीड़ित छात्र के माता-पिता पहली बार मीडिया के सामने आए और बताया कि घटना की जानकारी मिलने से लेकर बेटे से पूरी बात जानने तक परिवार किस मानसिक परेशानी से गुजरा। पिता ने आरोपितों के व्यवहार पर सवाल उठाए और बच्चों को डांटने के बजाय प्यार से समझाने तथा नैतिक शिक्षा देने की अपील की। वहीं, मां ने बताया कि घटना के बाद परिवार को प्रशासन की ओर से सहयोग मिला, जिससे धीरे-धीरे वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

कार्यालय के स्टाफ के फोन से मिली घटना की जानकारी

पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि रविवार शाम करीब पांच बजे वह अपने कार्यालय के एक स्टाफ के फोन से घबरा गए। स्टाफ ने उन्हें बताया कि उनके बेटे के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं। उसने पिता से बेटे के बारे में पता लगाने और उसे देखने के लिए कहा।

पिता के अनुसार, फोन आने के कुछ ही देर बाद स्टाफ ने उनके व्हाट्सऐप पर घटना का वीडियो भेज दिया। वीडियो देखते ही वह परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनके बेटे के साथ क्या हुआ है। इसके बाद वह बिना देर किए घर पहुंचे।

घर पहुंचने पर उन्होंने बेटे को उसके कमरे में लेटा हुआ पाया। पिता के मुताबिक, वीडियो में दिख रही घटना और सामने कमरे में लेटे अपने बेटे को देखकर उनके मन में कई सवाल उठ रहे थे।

दो दिनों तक कमरे में रहा छात्र, ठीक से नहीं किया खाना-पीना

पिता ने बताया कि 19 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे उनका बेटा घर लौटा था। उसके शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान थे। जब उन्होंने चोट लगने की वजह पूछी, तो बेटे ने सिर्फ इतना कहा कि वह गिर गया था। इसके बाद उसने कहा कि वह सोने जा रहा है और उसे अभी न उठाया जाए।

पिता के मुताबिक, बेटे ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और सो गया। जब उसकी मां ने उसे खाना खाने के लिए बुलाया, तो उसने बाहर आने से इनकार कर दिया और कहा कि उसे भूख नहीं है।

अगले दिन भी वह काफी देर तक कमरे में सोता रहा। दोपहर तक बाहर नहीं आने पर पिता ने उसे खाने के लिए बुलाया, लेकिन उसने तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहकर खाना खाने से मना कर दिया था।

परिवार को लगा कि मौसम बदलने के कारण उसकी तबीयत खराब हो सकती है। ऐसे में पिता ने बेटे की पसंद का खाना बाहर से मंगवाकर उसके कमरे में रखवा दिया। उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि बेटे के चुप रहने के पीछे घटना से जुड़ा डर और मानसिक सदमा भी हो सकता है।

वायरल वीडियो दिखाने पर बेटे ने बताई पूरी घटना

पिता ने बताया कि जब उन्होंने बेटे को वायरल वीडियो दिखाया, तो वह शुरुआत में चुप रहा। वह घटना के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। पिता के अनुसार, बेटा काफी डरा हुआ था और उसकी मानसिक स्थिति को देखकर परिवार भी परेशान था।

पिता ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसके साथ हैं और उसे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बेटे से कहा कि जो हो चुका है, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन घटना की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

इसके बाद छात्र ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। पिता के अनुसार, बेटे ने बताया कि वह अपनी एक दोस्त के साथ ट्यूशन गया था। मौसम अच्छा होने के कारण ट्यूशन के ब्रेक में दोनों घूमने के लिए पहाड़ की ओर चले गए थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि वहां उनके साथ ऐसी घटना हो जाएगी।

पिता के मुताबिक, बेटे ने बताया कि शाम करीब 6:15 बजे वे पहाड़ की ओर गए थे। करीब सात बजे लौटने के दौरान कुछ लड़कों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों के साथ मारपीट और छात्रा के साथ बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का भी आरोप है।

पिता ने बताया कि घटना की पूरी बात बताते-बताते बेटा दोबारा घबरा गया और उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद परिवार ने उसे संभाला। घटना के बाद से परिवार बेटे की मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित है।

पिता बोले- आरोपितों को अपने घर की महिलाओं के बारे में सोचना चाहिए था

पीड़ित छात्र के पिता ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी के साथ भी इस तरह का व्यवहार करना बेहद गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपितों को ऐसी हरकत करने से पहले अपने परिवार की महिलाओं के बारे में सोचना चाहिए था।

पिता ने कहा कि उनके घर में भी मां, बहन और भाभी हैं। समाज में दूसरी लड़कियां और महिलाएं भी रहती हैं। ऐसे में किसी के साथ इस तरह का व्यवहार करना किसी भी स्थिति में बिलकुल उचित नहीं है।

उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील होना होगा।

बच्चों को डांटने के बजाय प्यार से समझाएं: पीड़ित के पिता

पीड़ित छात्र के पिता ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को केवल डांटने के बजाय प्यार से समझाएं। बच्चों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखें और उन्हें नैतिक शिक्षा दें, ताकि वे सही और गलत के बीच अंतर समझ सकें।

उन्होंने कहा कि यदि बच्चे कोई गलतीकरते हैं,तो उन्हें डांटने के साथ-साथ गलती का एहसास कराना और सही रास्ता दिखाना भी जरूरी है। बच्चों के व्यवहार और उनकी संगति पर ध्यान देने के साथ उनमें दूसरों के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जानी चाहिए।

पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। हालांकि, उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

मां ने बताया- घटना के बाद सदमे में था बेटा

पीड़ित छात्र की मां ने बताया कि 20 सितंबर की शाम जब उनके पति घर पहुंचे, तो वह काफी डरे हुए थे। उन्होंने पति से परेशानी की वजह पूछी। इसके बाद पति ने बेटे के बारे में पूछा और उन्हें मोबाइल पर घटना का वीडियो दिखाया।

मां के मुताबिक, इसके बाद परिवार के लोग बेटे के कमरे में पहुंचे और उससे बात की। बेटे ने बताया कि घटना एक दिन पहले हुई थी और अब उसका वीडियो वायरल हो रहा है। इसके बाद उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मां ने बताया कि घटना के बाद उनका बेटा काफी चुप-चुप रहने लगा था। वह सदमे में था और करीब दो दिनों तक उसने ठीक से खाना-पीना नहीं किया। खाना देने पर वह कहता था कि पेट में अजीब लग रहा है और खाने का मन नहीं कर रहा है।

उन्होंने कहा कि परिवार के लिए बीते सात दिन काफी मुश्किल भरे रहे। हालांकि, अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। मां ने बताया कि इस दौरान उन्हें प्रशासन की ओर से अच्छा सहयोग मिला।

मड़वा पहाड़ प्रकरण ने फिर उठाए बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

मड़वा पहाड़ प्रकरण में पीड़ित परिवार की आपबीती सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा, किशोरों के व्यवहार और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने जैसे मुद्दे फिर चर्चा में हैं।

यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी सामने लाता है। ऐसी घटनाओं में पीड़ितों की पहचान और निजता की रक्षा करना, उन्हें भावनात्मक सहयोग देना तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

नोट: मामले में मारपीट, बदसलूकी और वीडियो प्रसारित करने से जुड़े आरोपों का उल्लेख पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर किया गया है। आरोपों की पुष्टि और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

Written & Edit by : Chandan Patel

Reported by : Chandan Patel

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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