नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र खत्म होने में अब महज कुछ घंटे बाकी हैं, लेकिन सियासी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा। सत्र के आखिरी दौर में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। 20 जुलाई की घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को 24 घंटे की लगातार चर्चा और हर सवाल का जवाब देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे खारिज करते हुए कहा- “हमें लेक्चर नहीं चाहिए।”
इसी बीच विदेशी फंडिंग और NGOs से जुड़े FCRA बिल को लेकर भी संसद में जोरदार हंगामा हुआ। सरकार ने बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे लोकसभा ने ध्वनि मत से मंजूरी दे दी।
अमित शाह का 24 घंटे चर्चा का प्रस्ताव
कई दिनों से संसद में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को सामने आए। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर 20 जुलाई की घटना पर 24 घंटे लगातार चर्चा कराने की पेशकश की।
प्रस्ताव के मुताबिक बुधवार दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक चर्चा हो और इस दौरान गृह मंत्री खुद सदन में मौजूद रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब दें।
सरकार की ओर से संदेश दिया गया कि वह चर्चा के लिए तैयार है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। अमित शाह ने विपक्ष पर सदन का कामकाज बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह संसद आते रहे और अपने चैंबर में मौजूद रहे।
राहुल गांधी बोले- ‘हमें लेक्चर नहीं चाहिए’
सरकार के प्रस्ताव पर विपक्ष ने अलग रुख अपनाया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को लंबा भाषण नहीं चाहिए, बल्कि एक सीधा और स्पष्ट जवाब चाहिए।
राहुल गांधी के मुताबिक विपक्ष का सवाल है कि 20 जुलाई की घटना में पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष इस मुद्दे पर 24 घंटे की प्रस्तावित चर्चा से ज्यादा सीधे जवाब की मांग कर रहा है।
FCRA बिल पर संसद में नया घमासान
20 जुलाई की घटना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव के बीच दोपहर में Foreign Contribution (Regulation) Act यानी FCRA से जुड़ा विधेयक सदन में आया।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC को भेजने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बिल को वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इसके प्रावधानों का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों और NGOs को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
कांग्रेस ने उठाया विदेशी चंदे का मुद्दा
केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कुछ संगठनों को विदेशी चंदे से जुड़े मामलों में राहत या अनुमति मिलती है, जबकि दूसरी तरफ NGOs की जांच की जाती है।
विपक्ष ने FCRA बिल को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे और इसे लेकर सदन में विरोध दर्ज कराया।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष को घेरा
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सदन को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष पहले खुद FCRA बिल को JPC भेजने की मांग कर रहा था। उन्होंने विपक्षी सांसदों को चुनौती देते हुए कहा कि बिल में ऐसा कोई प्रावधान दिखाया जाए जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो।
उन्होंने विपक्ष से बिल पढ़ने और हंगामा बंद कर चर्चा में शामिल होने की अपील की।
अखिलेश यादव और रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक
FCRA बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी सरकार पर हमलावर नजर आए।
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दोपहर 3 बजे 20 जुलाई की घटना पर चर्चा होगी, लेकिन सदन में उस मुद्दे पर चर्चा होती नहीं दिखी।
उन्होंने FCRA बिल को लेकर भी सवाल उठाए। इसके जवाब में किरेन रिजिजू ने फिर चुनौती दी कि विपक्ष बिल में कोई एक ऐसा प्रावधान बताए जो अल्पसंख्यक विरोधी हो।
ध्वनि मत से JPC को भेजा गया FCRA बिल
संसद में हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिरकार FCRA बिल को ध्वनि मत से संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया।
इस समिति में कुल 31 सदस्य होंगे। इनमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे।
लोकसभा के 21 सदस्यों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के 10 सदस्यों को सभापति द्वारा नामित किया जाएगा।
JPC को अपनी रिपोर्ट चालू वर्ष के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक लोकसभा में पेश करनी होगी।
संसद में टकराव जारी, सवाल अब भी बाकी
मानसून सत्र के आखिरी दौर में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। एक तरफ सरकार 20 जुलाई की घटना पर खुली और लंबी चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष सीधे तौर पर यह जानना चाहता है कि पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।
वहीं FCRA बिल के JPC में जाने के बाद इस मुद्दे पर भी राजनीतिक बहस का नया दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।
संसद का सत्र खत्म होने की ओर है, लेकिन 20 जुलाई की घटना और FCRA बिल को लेकर सियासी सवाल अभी खत्म नहीं हुए हैं।
Written & Edit by : Chandan Patel

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