Jharkhand Assembly Gherao: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान सोमवार को छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति और गंभीर हो गई। विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों को हटाने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के बाद कई छात्रों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद छात्रों का आक्रोश बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है।
देवेंद्र नाथ महतो की अचानक बिगड़ी तबीयत
विधानसभा घेराव के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंचने लगे।
महतो के मुताबिक, वह पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने सरकार पर आंदोलनकारियों के साथ प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, “लाठी, गोली, बंदूकों से सरकार नहीं चलती है। सरकार जनता को संतुष्ट रखकर चलती है।”
महतो ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित किया गया और जबरदस्ती एंबुलेंस में बैठाया गया। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
विधानसभा गेट नंबर-1 के पास बैठे थे सैकड़ों छात्र
जानकारी के अनुसार, सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
पुलिस की ओर से छात्रों से गेट के पास से हटने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों के नहीं हटने के बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए सख्ती शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को खदेड़ते हुए जगन्नाथ मंदिर की ओर भेज दिया।
लाठीचार्ज और भगदड़ में छात्रों के घायल होने का दावा
पुलिस कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज और भगदड़ की स्थिति बनने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि इस दौरान दर्जनों छात्रों को चोटें आईं।
कुछ प्रदर्शनकारियों के भगदड़ में गिरने और घायल होने की भी सूचना है। प्रदर्शनकारियों की ओर से कुछ छात्राओं के घायल होने का भी दावा किया गया है।
हालांकि, घायलों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
छात्रों ने कहा- अब सीधे मुख्यमंत्री से होगी वार्ता
लाठीचार्ज की घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने कहा कि अब सरकार के साथ किसी अन्य स्तर पर बातचीत नहीं की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर बातचीत होगी तो सीधे मुख्यमंत्री के साथ होगी। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने और इसे और व्यापक बनाने की बात कही गई है।
दिन में भी कई बार पुलिस और छात्रों में हुआ तनाव की स्थिति
सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान दिन में भी कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी थी। लेकिन स्थिति अभी समान है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की बात सामने आई। इसके अलावा कई स्थानों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की भी जानकारी है।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।

JPSC-JSSC मुद्दे पर आंदोलन और गरमाने के संकेत
JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होने के संकेत दे रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की घटना ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है।
प्रदर्शनकारी छात्रों के तेवर से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सीधे वार्ता होगी या JPSC-JSSC के मुद्दे पर आंदोलन और उग्र रूप लेगा?
Disclaimer
यह खबर उपलब्ध जानकारी और प्रदर्शनकारियों की ओर से सामने आए दावों के आधार पर तैयार की गई है। लाठीचार्ज, घायलों की संख्या और अन्य आरोपों पर प्रशासन/पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel

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