गिद्धौर स्कूल के बाहर कचरे का अंबार, शिक्षा के मंदिर पर गंदगी का साया: शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय के सामने यदि कचरे का अंबार लगा हो, चारों ओर दुर्गंध फैली हो और मच्छरों का आतंक हो, तो यह केवल बदहाल सफाई व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल बन जाता है। ऐसा ही चिंताजनक दृश्य बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड की पतसंडा पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय के बाहर देखने को मिल रहा है, जहां लंबे समय से जमा कचरा छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।
विद्यालय के बाहर फैली गंदगी से बिगड़ रहा माहौल
विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने कचरे का ढेर लगा हुआ है। आसपास फैली गंदगी से लगातार दुर्गंध उठ रही है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। गंदगी के कारण मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा सीधा असर
विद्यालय आने वाली छात्राओं को प्रतिदिन गंदगी और बदबू के बीच होकर गुजरना पड़ता है। दुर्गंध के कारण कई बार कक्षाओं का माहौल भी प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में बच्चों का पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है।
राहगीरों और ग्रामीणों को भी हो रही परेशानी
यह रास्ता केवल विद्यालय तक ही सीमित नहीं है बल्कि आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों का भी प्रमुख मार्ग है। वही सड़क किनारे फैले कचरे के कारण लोगों को नाक बंद करके गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन और पंचायत से उठी अब स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि:
- विद्यालय के सामने तत्काल कचरे की सफाई कराई जाए।
- यहां नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- कचरा निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
- विद्यालय परिसर के आसपास स्वच्छता अभियान लगातार चलाया जाए।
स्वच्छ विद्यालय, सुरक्षित भविष्य
सरकार एक ओर स्वच्छ भारत मिशन और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विद्यालयों के सामने इस तरह की गंदगी कई सवाल खड़े करती है। यदि शिक्षा के मंदिर के आसपास ही स्वच्छ वातावरण नहीं होगा, तो बच्चों के बेहतर भविष्य की कल्पना अधूरी रह जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ताकि छात्राओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ा हुआ यह गंभीर मुद्दा
कन्या मध्य विद्यालय, पतसंडा के सामने फैली गंदगी केवल सफाई व्यवस्था की लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकालते हैं।
Written & Edit by : Chandan Patel
Ground Reporte by: Bikki Kumar

