रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन के 12वें दिन भी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी डटे रहे। सरकार पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने ऐलान किया है कि मंगलवार शाम से पांच अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
12वें दिन भी नहीं थमा छात्रों का आंदोलन
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे धरना-प्रदर्शन में मंगलवार को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। आंदोलन को झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों के छात्रों का भी समर्थन मिल रहा है। लगातार नए छात्र धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन का दायरा और मजबूत होता जा रहा है।
सरकार पर छात्रों ने लगाया अनदेखी का आरोप
धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे पिछले 12 दिनों से खुले आसमान के नीचे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
छात्र नेता पीयूष सिंह, आशा कुमारी समेत अन्य अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित अधिकारी युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है, इसके बावजूद सरकार संवाद करने से बच रही है।
आज शाम से पांच अभ्यर्थी करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
आंदोलन को और तेज करने के लिए अभ्यर्थियों ने घोषणा की है कि मंगलवार शाम से पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा। साथ ही अन्य राज्यों के छात्र संगठनों से भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।
सीबीआई जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग
छात्रों की प्रमुख मांग है कि JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जाए।
इसके अलावा उनकी मांगों में शामिल हैं :
- भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की पूरी निष्पक्ष जांच हो।
- दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य की परीक्षाओं के लिए मजबूत और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य की भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक पहुंच चुका है और निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं।
उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से संवाद करने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक सरकार कोई भी ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा।

भूख हड़ताल पर बैठने वाले छात्रों ने दोहराई अपनी मांग
भूख हड़ताल पर बैठने वाले अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए है।
उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन से बढ़ सकता है सरकार पर दबाव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आंदोलन इसी तरह जारी रहा और भूख हड़ताल लंबी चली तो सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत की संभावना भी बन सकती है।
हजारों युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा सवाल
JPSC और JSSC भर्ती विवाद अब केवल परीक्षा गड़बड़ी का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह हजारों युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन का अगला कदम क्या होगा।
Written & Edit by : Chandan Patel
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