धीरे–धीरे..
धीरे–धीरे मर रहे हैं शौक हमारे धीरे–धीरे, बढ़ रही है उम्र भी वैसे ही धीरे–धीरे! ख़ुद को छोड़ दिया है…
धीरे–धीरे मर रहे हैं शौक हमारे धीरे–धीरे, बढ़ रही है उम्र भी वैसे ही धीरे–धीरे! ख़ुद को छोड़ दिया है…
भारत का अनोखा गांव… जहां किसी भी घर में नहीं जलता चूल्हा, फिर भी लोग करते हैं भरपेट भोजन एक…
पटना के दारोगा प्रसाद राय पथ स्थित अम्बेडकर शोध एवं सेवा संस्थान में इस बार मानवाधिकार दिवस 2025 कुछ खास…
क्या है मुसहर समाज की पीड़ा? एक संवेदनशील और शोधपरक लेख…! मुसहर समाज की पीड़ा: इतिहास, वर्तमान स्थिति और…
पुरुष इतना आज़ाद है कि चाहकर भी नौकरी नहीं छोड़ सकता… महिला इतनी बंदिश में है कि नौकरी को ही…
जीवन का अंतिम सत्य क्या है? जीवन का अंतिम सत्य : मानव जीवन रहस्यों से भरा हुआ है। जन्म से…
जब सबकुछ हाथ से छूटता दिख रहा हो, समझ जाना या तो मृत्यु करीब है या फिर मंजिल …! जब…
इन दिनों बिहार की सियासत में एक अजीब सी बहस छिड़ी हुई है — “14% वाला मुख्यमंत्री बनेगा तो 18%…
नवरात्रि का समय आध्यात्म का, भक्ति का, पवित्रता का होता है। लोग माँ दुर्गा की पूजा करते हैं, कलश स्थापित…
“शरीफ़ दिखने वाला हर शख़्स भोला या भोली नहीं होता, वो समय से पहले ही अपने परिवार का पिंडदान भी…