सिकंदरा (जमुई): दहेज की भूख आखिर कब तक बेटियों की जिंदगी निगलती रहेगी? शादी के बाद जिस घर को एक महिला अपना संसार समझकर जाती है, अगर वहीं दहेज की मांग उसके जीवन पर भारी पड़ने लगे तो यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज की उस कुरीति पर गंभीर सवाल है, जिसे कानून के बावजूद खत्म नहीं किया जा सका है।
जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पोहे गांव में एक विवाहिता की कथित हत्या और उसके शव को गुपचुप तरीके से जलाकर साक्ष्य मिटाने का मामला सामने आया है। मृतका की मां के आवेदन पर सिकंदरा थाना पुलिस ने पति समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। वही पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
2020 में हुई थी सुनीता की शादी
पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार, वारसलीगंज थाना क्षेत्र के कोरमा गांव निवासी बिंदु देवी की पुत्री सुनीता देवी की शादी 20 मई 2020 को पोहे गांव निवासी पिंटू सिंह के साथ हुई थी। दंपती का करीब चार वर्षीय एक पुत्र भी है।
मृतका की मां का आरोप है कि शादी के बाद से ही सुनीता को ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि इसी प्रताड़ना के क्रम में 9 अगस्त को सुनीता की हत्या कर दी गई।
हालांकि, हत्या के इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हत्या के बाद शव जलाने का आरोप
मृतका की मां ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुनीता की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को आनन-फानन में गुपचुप तरीके से जला दिया गया।
आवेदन के मुताबिक, शव को जलाने के बाद बचे हुए अवशेषों को भी मिट्टी में दबा दिए जाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय से सटे तालाब के समीप शव की अंत्येष्टि किए जाने और वहां बचे जले अवशेषों को मिट्टी में दबाए जाने की जानकारी सामने आई है।
पति समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
मामले में मृतका के पति पिंटू सिंह समेत कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में पोहे गांव निवासी मिंटू सिंह, श्रवण सिंह, पूनम देवी और सोनाली कुमारी के अलावा चनपुरा, वारसलीगंज निवासी राजीव सिंह और संगीता देवी समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस अब प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
घटनास्थल पर पहुंची FSL टीम, जुटाए साक्ष्य
वही,घटना की सूचना मिलने के बाद FSL टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर विभिन्न साक्ष्य जुटाए। वही घटनास्थल से मिले अवशेष और अन्य संभावित साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
चार साल के बच्चे के सिर से उठा मां का साया
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उस करीब चार वर्षीय बच्चे को लेकर भी खड़ा होता है, जिसने अपनी मां को खो दिया। अगर पुलिस जांच में हत्या के आरोप सही साबित होते हैं, तो एक परिवार की दुनिया उजड़ने के साथ एक मासूम के सिर से भी मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
दहेज जैसी सामाजिक कुरीति पर कानून लगातार सख्ती की बात करता है, लेकिन ऐसे मामले यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या सिर्फ कानून बना देने से दहेज की मानसिकता खत्म हो जाएगी? समाज को भी यह तय करना होगा कि शादी रिश्तों का बंधन है या दहेज की कीमत वसूलने का जरिया।
पुलिस ने दर्ज की दहेज हत्या की प्राथमिकी
सिकंदरा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि मृतका की मां के आवेदन के आधार पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। हत्या, दहेज प्रताड़ना और शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने जैसे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
Written & Edit by : Chandan Patel

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