रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब सरकार बनाम छात्र के टकराव से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। पिछले 18 दिनों से आंदोलनरत छात्रों और राज्य सरकार के बीच अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर तनाव हुआ। वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के बाद कई छात्र घायल हुए, जबकि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोमवार की कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को रांची बंद का ऐलान किया है। ऐसे में राजधानी में छात्र आंदोलन के साथ राजनीतिक टकराव भी तेज होता नजर आ रहा है।
सात बैरिकेड पार कर विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र
सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाए गए सात बैरिकेड पार कर विधानसभा के पास पहुंचने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
शाम होते-होते स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि कार्रवाई में 20 से अधिक छात्र घायल हुए हैं, जबकि दो छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी
आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत खराब होने के बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

छात्र नेता बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बना दिया गया पुलिसिया कार्रवाई का मैदान
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन शाम होते ही पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट भी की गई।
पासवान का कहना है कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों की सबसे बड़ी मांग भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की है। छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से मामले की CID जांच कराई जा रही है और जांच ED को भी सौंपी गई है। हालांकि, छात्रों की CBI जांच की मांग पर अभी तक सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी है।
JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार
इसी बीच सोमवार को झारखंड CID ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने और राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
छात्र संगठनों का कहना है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितता हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बातचीत से समाधान की अपील की
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, छात्रों की ओर से साफ कहा जा रहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब आंदोलन पर सबकी नजर
एक तरफ छात्र CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़क पर हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा ने रांची बंद का ऐलान कर दिया है। इससे झारखंड में छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
सवाल अब सिर्फ परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच का नहीं है, बल्कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच भरोसा बहाल करने का भी है। आने वाले दिनों में सरकार छात्रों से बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर पूरे झारखंड की नजर है।
Written & Edit by : Chandan Patel

ये भी पढ़ें…छेदलाही में सेंधमारी: बेटी की शादी के लिए जुटाए जेवर-नकदी ले उड़े चोर, घर में मचा कोहराम
