जमुई। बिहार में पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की गुणवत्ता को लेकर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बड़ा बयान दिया है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की मौजूदा गुणवत्ता से वह शत-प्रतिशत संतुष्ट नहीं हैं और इसमें व्यापक सुधार की जरूरत है।

मंत्री के इस बयान के बाद पंचायतों में सड़क, नाली, भवन, जलापूर्ति और अन्य विकास योजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति को समझने और सामने आ रही कमियों को दूर करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार जरूरी: पंचायती राज मंत्री

दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी आम लोगों तक पहुंचेगा, जब निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की स्वीकृति और राशि खर्च होना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि योजना का परिणाम जमीन पर दिखाई दे और उसका फायदा लंबे समय तक आम लोगों को मिले।

मंत्री ने संकेत दिया कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और गुणवत्ता की निगरानी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।

जनता और जनप्रतिनिधियों से लिया जा रहा सीधा फीडबैक

मंत्री ने बताया कि पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।

इन बैठकों में स्थानीय त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कहां परेशानी आ रही है और किन कारणों से गुणवत्ता अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है।

उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर योजनाओं की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

‘शत-प्रतिशत संतुष्ट नहीं हूं’, सुधार पर दिया जोर

पंचायती राज मंत्री ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह मौजूदा योजनाओं की गुणवत्ता से शत-प्रतिशत संतुष्ट नहीं हैं।

उनका कहना है कि व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश है और सरकार का प्रयास होना चाहिए कि पंचायत स्तर पर होने वाला प्रत्येक विकास कार्य तय मानकों पर खरा उतरे।

मंत्री के इस बयान को पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी को लेकर सरकार की गंभीरता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अरुण भारती से जुड़े कथित बयान पर बोले- अमर्यादित भाषा उचित नहीं

सांसद अरुण भारती से जुड़े एक कथित विवादित बयान के सवाल पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो नहीं देखा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और सामाजिक शिष्टाचार का पालन करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

मांझी-चिराग विवाद पर बोले- दोनों मेरे अभिभावक तुल्य

एनडीए के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच जारी बयानबाजी से जुड़े सवाल पर दीपक प्रकाश ने किसी एक पक्ष का समर्थन करने से परहेज किया।

उन्होंने कहा कि दोनों नेता उनके लिए अभिभावक तुल्य हैं। इसलिए उनके बीच के राजनीतिक विषय पर टिप्पणी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि एनडीए एकजुट है और सरकार अपने निर्धारित एजेंडे के अनुसार काम कर रही है।

कर्पूरी ठाकुर के मॉडल के आधार पर आरक्षण की वकालत

आरक्षण की समीक्षा और वंचित वर्गों को आरक्षण का लाभ दिए जाने के सवाल पर मंत्री दीपक प्रकाश ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के आरक्षण फॉर्मूले का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि समाज के जिन वर्गों के साथ ऐतिहासिक रूप से अन्याय हुआ है और जो अभी भी पूरी तरह मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें सशक्त होने तक आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि वंचित वर्गों के भीतर भी जरूरत के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में लाभ पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आरक्षण का फायदा वास्तव में सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

‘सिर्फ आरक्षण से नहीं, शिक्षा से आएगी वास्तविक बराबरी’

दीपक प्रकाश ने सामाजिक समानता के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि केवल आरक्षण के जरिए समाज में पूर्ण बराबरी स्थापित नहीं की जा सकती।

इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाना होगा और शिक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा।

उनके मुताबिक, शिक्षा का स्तर जितना बेहतर होगा, सामाजिक और आर्थिक विषमताओं को कम करने में उतनी ही मदद मिलेगी। सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

पंचायतों की योजनाओं की गुणवत्ता अब बड़ा सवाल

पंचायती राज मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि समीक्षा बैठकों, जनप्रतिनिधियों से मिलने वाले फीडबैक और स्थलीय निरीक्षण के बाद पंचायतों की विकास योजनाओं में कितना वास्तविक सुधार जमीन पर दिखाई देता है।

सरकार के सामने चुनौती सिर्फ योजनाओं को लागू करने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि सरकारी धन से बने निर्माण कार्य टिकाऊ, पारदर्शी और जनता के लिए उपयोगी हों।

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Written & Edit by : Chandan Patel

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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