भिंड/गोहद। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने 8 परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-719 पर गोहद के छीमका गांव के पास करीब रात 1 बजे तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मजदूर बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में ट्रक चालक भी शामिल है।
धान की रोपाई पूरी कर घर लौट रहे थे मजदूर
जानकारी के मुताबिक, पिकअप में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 29 मजदूर सवार थे। सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद अपने गांव वापस लौट रहे थे। इसी दौरान छीमका गांव के पास उनकी पिकअप हादसे का शिकार हो गई।
शुरुआत में हादसे में चार मजदूरों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।
गायों को बचाने के दौरान सामने से आए ट्रक से भिड़ी पिकअप
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के अनुसार, हादसे के समय पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन मोड़ दिया।
इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से पिकअप की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर हाईवे पर यातायात को सामान्य कराया।
पांच शव गोहद और तीन ग्वालियर में रखे गए
पुलिस के अनुसार, हादसे में मृत 8 लोगों के शवों में से पांच को गोहद और तीन शवों को ग्वालियर में रखा गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।
रात में हाईवे पर मवेशियों से बढ़ रहा हादसे का खतरा
प्रारंभिक जांच में सड़क पर बैठे मवेशियों को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने से चालक को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी और तेज रफ्तार वाहनों की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान और हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर: शुरुआती जानकारी के आधार पर मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि को अंतिम माना जाएगा।
Written & Edit by : Chandan Patel

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