ब्रिस्टल: विश्व चैंपियन टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा अब सवालों के घेरे में है। लगातार तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी और इसी के साथ इंग्लैंड ने चार मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। सबसे बड़ी चिंता सिर्फ हार नहीं, बल्कि उसका तरीका है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 158 रन बना सका, जबकि इंग्लैंड ने महज 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर भारतीय गेंदबाजी और रणनीति की परतें खोल दीं।
लगातार तीसरी हार के बाद अब सवाल
सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि भारतीय टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर भी उठने लगे हैं। टीम चयन, बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजों के इस्तेमाल और मैच के दौरान फैसलों को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर प्रशंसकों तक में बहस तेज हो गई है। जिस विकेट पर इंग्लैंड ने तूफानी बल्लेबाजी की, उसी पिच पर भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। इससे यह बहस और तेज हुई है कि क्या टीम परिस्थितियों के अनुरूप तैयारी करने में पीछे रह गई।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी भी नहीं आई काम
भारत की शुरुआत खराब रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ऐसे मुश्किल समय में कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभालते हुए नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बदौलत भारत 158 रन तक पहुंचा, लेकिन यह स्कोर इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने बेहद छोटा साबित हुआ।
इंग्लैंड ने भारतीय गेंदबाजों की कर दी धुनाई
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय गेंदबाज सही लाइन और लेंथ हासिल नहीं कर सके और इंग्लिश बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया। सिर्फ 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हरा दिया।
फिर से हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या कहा?
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा,
“यह फिर से निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। 158 रन आदर्श स्कोर नहीं था। हमने गेंदबाजों से एक खास लेंथ पर गेंदबाजी करने को कहा था, लेकिन हम अपने एग्जीक्यूशन में पीछे रह गए।”
अपनी 80 रन की पारी पर उन्होंने कहा,
“व्यक्तिगत प्रदर्शन तभी मायने रखता है जब टीम जीतती है। मैं अपनी बल्लेबाजी से खुश हूं, लेकिन हार के बाद उस पारी का महत्व कम हो जाता है।”
‘ट्रांजिशन फेज’ का तर्क, लेकिन जवाब भी जरूरी
श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ियों को सीखने का समय चाहिए। हालांकि लगातार तीन हार के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिर्फ ‘ट्रांजिशन फेज’ का हवाला देना काफी है, या टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति और फैसलों की भी समीक्षा करनी चाहिए।
टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर बढ़ता दबाव
इस सीरीज में भारत कई बार मैच की परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालने में संघर्ष करता दिखा। बल्लेबाजी क्रम में बदलाव, गेंदबाजों का सीमित प्रभाव और विपक्ष की रणनीति का जवाब देने में नाकामी ने टीम मैनेजमेंट पर दबाव बढ़ा दिया है। आलोचकों का मानना है कि लगातार तीन हार के बाद टीम को खिलाड़ियों के साथ-साथ अपनी रणनीतिक तैयारी की भी गंभीर समीक्षा करनी होगी।
हैरी ब्रूक बोले- भारत को 3-0 से हराना खास
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने जीत के बाद कहा,
“भारत जैसी टीम को 3-0 से हराना हमारे लिए बेहद खास है। हमने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला और खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ के बीच शानदार संवाद हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा।”
उन्होंने जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की गेंदबाजी की भी जमकर तारीफ की।
अब आखिरी मैच में भारत की प्रतिष्ठा दांव पर
सीरीज का चौथा और अंतिम टी20 शनिवार को साउथम्प्टन में खेला जाएगा। भारत क्लीन स्वीप से बचने के इरादे से उतरेगा, जबकि इंग्लैंड की नजर 4-0 से सीरीज जीतने और आईसीसी टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 टीम बनने पर होगी।
Written & Edit by : Chandan Patel.
