गिद्धौर (जमुई): सड़क हादसे में घायल मरीज का इलाज “ड्यूटी खत्म हो गई” कहकर नहीं करने के आरोप का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। AVN News में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गिद्धौर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संबंधित डॉक्टर और एएनएम से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

AVN News की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गिद्धौर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह ने पत्रांक 189 जारी कर डॉ. राहुल कुमार एवं एएनएम नूतन कुमारी से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 08 जुलाई 2026 को AVN News में प्रकाशित समाचार में सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलने का मामला सामने आया था। मामले की जांच के बाद प्रथम दृष्टया दोनों स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

ड्यूटी खत्म होने का हवाला देकर इलाज नहीं करने का आरोप

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने नोटिस में पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में “ड्यूटी समाप्त हो चुकी है” कहकर घायल मरीज को बिना प्राथमिक उपचार के छोड़ दिया गया।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया या जवाब देने में देरी की गई तो संबंधित दिन का वेतन एवं मानदेय रोकने की कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन और सीएमओ को भी भेजी गई पत्र की प्रति

मामले की गंभीरता को देखते हुए जारी नोटिस की प्रति सिविल सर्जन, जमुई एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CMO) को भी भेजी गई है, ताकि आगे आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके।

घायल
डॉक्टर राहुल कुमार और एएनएम नूतन कुमारी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों को तत्काल इलाज मिलना चाहिए और यदि ड्यूटी समाप्त होने का बहाना बनाकर इलाज से इनकार किया जाता है तो यह मानवता के साथ-साथ सरकारी जिम्मेदारी की भी अनदेखी है।

स्थानीय लोगों ने दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

मामला क्यों है महत्वपूर्ण?

यह घटना केवल एक अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और संवेदनशीलता से जुड़ा बड़ा सवाल भी है। यदि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण किसी मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होना भी उतना ही आवश्यक है।

Written & Edit by : Chandan Patel.

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