Jamui News: जमुई जिले में अवैध बालू खनन और तस्करी का नेटवर्क लगातार मजबूत होता दिख रहा है। खैरा थाना क्षेत्र के देवपुर में पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि झाझा थाना क्षेत्र में बालू माफिया और ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
लगातार हो रहे हमलों से यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बालू माफिया का मनोबल इतना बढ़ कैसे गया कि अब वे पुलिस टीम पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं।
खैरा में पुलिस से हाथापाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
03 जुलाई को खैरा थाना क्षेत्र के देवपुर में अवैध बालू खनन रोकने पहुंची पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की, हाथापाई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मूरो साह उर्फ मुरारी साह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
हालांकि इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि आखिर अवैध खनन से जुड़े लोगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि वे पुलिस कार्रवाई का खुलकर विरोध करने लगे।

झाझा में पुलिस टीम पर हमला, ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए तस्कर
खैरा की घटना के बाद 02 जुलाई को झाझा थाना क्षेत्र के घोरमारा में भी पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर करीब 50 ग्रामीणों ने हमला कर दिया।
आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की। इस हमले में दो एसआई दिलीप कुमार और धर्मेंद्र कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हमले का फायदा उठाकर बालू तस्कर जब्त ट्रैक्टर को मौके से छुड़ाकर फरार हो गए।
पुलिस टीम किसी तरह अपनी जान बचाकर थाना पहुंची। बाद में पुलिस ने 15 नामजद और 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
झाझा में पहले भी सामने आ चुका है अवैध उगाही का मामला
झाझा थाना पहले भी अवैध बालू कारोबार को लेकर विवादों में रह चुका है। हाल ही में अवैध बालू उठाव के बदले ट्रैक्टर मालिक से घूस लेने के आरोप में थाना के सरकारी चालक सिपाही जितेंद्र कुमार को निगरानी विभाग ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह के खिलाफ भी निगरानी टीम ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े किए थे।
पुलिस के सामने बढ़ती चुनौती
लगातार सामने आ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जमुई में अवैध बालू खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कानून लागू कराने पहुंची पुलिस टीम पर हमले यह दर्शाते हैं कि बालू माफिया का नेटवर्क कितना मजबूत हो चुका है।
एसपी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा,
“पुलिस से उलझने वाले बालू माफिया की पहचान कर उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी हाल में जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन नहीं होने दिया जाएगा।”
Written & Edit by : Chandan Patel.
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