Jamui। जमुई जिले के सूर्यनारायण घाट पर कथित रूप से मानक के विरुद्ध बालू खनन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संवेदक द्वारा पोकलेन मशीन के माध्यम से 15 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे कर बालू का उठाव किया जा रहा है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

वायरल वीडियो में दिखीं दो पोकलेन मशीनें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में घाट पर दो पोकलेन मशीनें दिखाई दे रही हैं। इनमें एक मशीन बंद खड़ी नजर आ रही है, जबकि दूसरी मशीन के जरिए नदी क्षेत्र में गहरी खुदाई कर बालू निकाला जा रहा है।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर मंडराने लगा खतरा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी मशीनों के उपयोग से नदी की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो सकती है। अत्यधिक गहराई तक बालू निकासी से नदी की धारा बदलने, कटाव बढ़ने और जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में इसके गंभीर पर्यावरणीय परिणाम सामने आ सकते हैं।

जमुई
जमुई के सूर्यनारायण घाट पर अवैध बालू खनन का आरोप, पोकलेन मशीन से गहरी खुदाई का वीडियो वायरल

अधिकारियों के कार्यालय से महज आधा किलोमीटर दूर है घाट

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सूर्यनारायण घाट संबंधित विभागीय अधिकारियों के कार्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय से कथित तौर पर मानक से अधिक गहराई तक खनन किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शहर के बीचों-बीच स्थित घाटों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

लोजपा नेता गौतम पासवान ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता गौतम पासवान ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया है। उन्होंने वायरल वीडियो साझा करते हुए जिला प्रशासन और खनन विभाग से तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों की अनदेखी कर बालू खनन किया जा रहा है, जो नदी और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

तीन फीट की सीमा के मुकाबले 20 फीट तक खनन का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार सरकारी मानकों के तहत सीमित गहराई तक ही बालू उठाव की अनुमति होती है। हालांकि सूर्यनारायण घाट और गरसंडा घाट समेत कई स्थानों पर इससे कई गुना अधिक गहराई तक खनन किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी ऐसे कई वीडियो और शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण मामले ठंडे बस्ते में चले गए।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मामले को लेकर संबंधित अधिकारी केशव पासवान ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

शहर में चर्चा का विषय बना मामला

वीडियो वायरल होने के बाद पूरे शहर में इस मामले की चर्चा हो रही है। लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

जमुई में अब खनन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं

सूर्यनारायण घाट पर कथित रूप से मानक से अधिक बालू खनन का मामला सामने आने के बाद खनन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो ने प्रशासन और खनन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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Edited and Written by : Chandan Patel.

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