जमुई में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: बिहार के जमुई जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत काला गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक युवक की कथित हत्या कर उसके शव को घर के पीछे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। मामले में मृतक की पत्नी, सास, साली और सरहज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी साला अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस ने शव को जमीन से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान झारखंड के देवघर जिले के सुगापरी गांव निवासी जितेंद्र पंडित के रूप में हुई है। करीब 10 वर्ष पूर्व उसकी शादी जमुई जिले के काला गांव की रहने वाली सजनी देवी से हुई थी।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2016 में ससुर की मृत्यु के बाद जितेंद्र अपनी पत्नी और सास के साथ ससुराल में ही रहने लगा था। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। दंपति के दो बच्चे हैं, जिनमें एक पांच वर्षीय बेटी और दो वर्षीय बेटा शामिल हैं।

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अवैध संबंध और घरेलू विवाद की चर्चा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और कथित अवैध संबंध का एंगल सामने आया है। पूछताछ के दौरान पत्नी ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र शराब का सेवन करता था और आए दिन घर में विवाद एवं मारपीट करता था।
पत्नी के अनुसार, वह परिवार की अन्य महिलाओं के साथ भी अनुचित संबंध बनाने की कोशिश करता था, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ जाता था। इसी बात की जानकारी उसने अपने भाई को दी थी।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई,अभी जांच का विषय है।
हत्या की रात क्या हुआ?
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान जितेंद्र पर हमला किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को घर के पीछे लगभग तीन फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया।
बदबू आने पर ग्रामीणों को हुआ शक
ग्रामीणों के अनुसार, घटना की रात कुछ आवाजें सुनाई दी थीं, लेकिन परिवार में अक्सर विवाद होने के कारण किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया।
अगले दिन घर के पीछे से तेज दुर्गंध आने लगी। ग्रामीणों को संदेह हुआ तो उन्होंने आसपास जांच की और बाद में पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मोहनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने 36 घंटे बाद निकाला शव
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी की और एफएसएल टीम को बुलाया। परिजनों को सूचना देने के बाद करीब 36 घंटे बाद घर के पीछे दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है, जहां रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
पूछताछ में बदलते रहे बयान
पुलिस पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी ने शुरुआत में दावा किया कि जितेंद्र नशे की हालत में छत से गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
हालांकि बाद की जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस को शव को छिपाने और दफनाने की जानकारी मिलने के बाद मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ा।
मृतक की मां ने उठाए सवाल
घटनास्थल पर पहुंची मृतक की मां मालती देवी ने आरोप लगाया कि बेटे की मौत की सूचना उन्हें परिवार की ओर से नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यदि मौत दुर्घटना में हुई होती तो परिजन तत्काल सूचना देते। उन्हें घटना की जानकारी पुलिस के माध्यम से मिली। उन्होंने बेटे की हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है।
SDPO ने क्या कहा?
सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि शव को घर के पीछे दफनाया गया था। पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मृतक की मां मालती देवी के आवेदन पर मोहनपुर थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में निम्नलिखित लोगों को आरोपी बनाया गया है—
- पत्नी सजनी देवी (25)
- सास फागो देवी (50)
- साली संगीता देवी (30)
- सरहज कंचन देवी (22)
- साला गौतम पंडित (25)
पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी गौतम पंडित की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
Edited and Written by : Chandan Patel.
