Jamui News: झाझा प्रखंड की पंचायत सरकार भवन योजना पर लगा ब्रेक

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पंचायत सरकार भवन योजना झाझा प्रखंड की कई पंचायतों में वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। कहीं जमीन विवाद निर्माण कार्य में बाधा बना हुआ है तो कहीं फंड की कमी के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। नतीजा यह है कि पंचायत स्तर पर लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं आज भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

झाझा प्रखंड के बाराजोर, कानन और केशोपुर पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण की योजना लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

बाराजोर पंचायत में चार साल से फंसा मामला

बाराजोर पंचायत की मुखिया आएशा प्रवीण ने बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण का मामला पिछले करीब चार वर्षों से जमीन विवाद में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन देने और मुलाकात करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।

मुखिया प्रतिनिधि के अनुसार विभागीय इंजीनियर और पुलिस प्रशासन ने कई बार प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया, लेकिन आज तक भवन निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका।

कानन पंचायत में भी नहीं शुरू हो पाया निर्माण कार्य

झाझा प्रखंड की कानन पंचायत में भी पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य भूमि विवाद की वजह से रुका हुआ है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि लगातार मांग के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

केशोपुर पंचायत में फंड की कमी से रुका निर्माण

केशोपुर पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य करीब 8 से 10 महीनों से बंद पड़ा हुआ है। पंचायत की मुखिया अनिता देवी ने बताया कि उन्होंने बीपीआरओ से लेकर भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों तक कई बार अनुरोध किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

इसके बाद उन्होंने सीधे जिला पदाधिकारी (डीएम) को आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। डीएम ने 3 जनवरी को भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को शीघ्र कार्रवाई का निर्देश भी दिया था, लेकिन करीब पांच महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

पंचायत प्रतिनिधियों ने सहयोग शिविर में डीएम से लगाई गुहार

केशोपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य बिहारी मांझी समेत अन्य ग्रामीणों ने झाझा के बेनीबांक में आयोजित सहयोग शिविर में डीएम से पंचायत सरकार भवन और पुलिया निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने आवेदन देकर बताया कि मुख्य सड़क से जामू खरैया और पताव तक सड़क निर्माण अधूरा है। पुलिया की भराई करीब दस महीने से नहीं हुई है, जिससे करीब एक हजार ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती है।

पंचायत सरकार भवन बनने से लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर पंचायत सरकार भवन योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर की सभी सरकारी सेवाओं को एक ही भवन में उपलब्ध कराना था।

इस भवन में मुखिया, पंचायत सचिव, आरटीपीएस काउंटर समेत पंचायत से जुड़े अन्य विभागों की सुविधाएं उपलब्ध होनी थीं ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।

झाझा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह

बीपीआरओ ने माना- जमीन विवाद और फंड संकट बड़ी वजह

झाझा की बीपीआरओ प्राजक्ता साइमन ने स्वीकार किया कि बाराजोर और कानन पंचायत में भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य लंबित है, जबकि केशोपुर पंचायत में फंड की कमी मुख्य कारण है।
उन्होंने बताया कि बाराजोर पंचायत के लिए वैकल्पिक जमीन की पहचान की गई है और सीओ से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

बीपीआरओ ने बताया कि छापा पंचायत में भी पहले जमीन विवाद था, लेकिन सीओ द्वारा समाधान किए जाने के बाद वहां निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

भवन निर्माण विभाग ने क्या कहा

भवन निर्माण विभाग, जमुई के कार्यपालक अभियंता दिवाकर कुमार ने बताया था कि संवेदक को दोबारा पत्र भेजा गया है और जल्द काम शुरू कराने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी माना कि फंड की समस्या बनी हुई है। विभाग को फरवरी में फंड मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है। संवेदक द्वारा किए गए पूर्व कार्यों का भुगतान भी लंबित बताया गया है।

ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी

लगातार देरी से ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन बनने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आती और पंचायत स्तर पर सुविधाएं बेहतर होतीं, लेकिन वर्षों से योजना कागजों तक सीमित है।

प्रशासनिक लापरवाही, भूमि विवाद और फंड संकट

झाझा प्रखंड की पंचायत सरकार भवन योजना प्रशासनिक लापरवाही, भूमि विवाद और फंड संकट के कारण धीमी पड़ गई है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर लंबित निर्माण कार्यों को पूरा कराए।

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Edited and Written by : Chandan Patel.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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