बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-333A की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार को घोरपारन जंगल के समीप स्थित कटोरवा पुलिया अचानक धंस गई, जिससे सिमुलतला का जिला और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी और इसे लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई थी। बावजूद इसके समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बड़ा हादसा टला, नहीं गुजर रहा था भारी वाहन
जिस समय पुलिया धंसी, उस वक्त वहां से कोई बड़ा वाहन नहीं गुजर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय कोई ट्रक या बस पुलिया पर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद प्रशासन ने बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। हालांकि छोटे वाहन अब भी जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।
12 साल बाद भी नहीं सुधरी NH-333A की हालत
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014 में इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला था। लेकिन 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क और पुल-पुलियों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

फल-सब्जी की सप्लाई प्रभावित, मरीज और छात्र परेशान
कटोरवा पुलिया धंसने के बाद बांका और देवघर की ओर से आने वाली फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
इसका असर अब आम लोगों के दैनिक जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। मरीजों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यह सड़क अब हादसों का रास्ता बन चुकी है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही युद्धस्तर पर पुलिया निर्माण और सड़क मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस मामले में सहायक अभियंता मोनिका से संपर्क किया गया तो उन्होंने मंत्री की बैठक का हवाला देते हुए दूसरे नंबर पर बात करने को कहा और फोन काट दिया। दोबारा संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिला।
वहीं, कनीय अभियंता सीता देवी से भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें
- कटोरवा पुलिया का तत्काल पुनर्निर्माण
- NH-333A सड़क की संपूर्ण मरम्मत
- भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
- सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
