CJP Protest Live Updates : देश की शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का जनआंदोलन बन चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आज देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी यह आवाज अब मुंबई, पटना समेत कई शहरों तक पहुंच चुकी है।
नए सख्त बिल के मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा, संसद में पेश करने की तैयारी
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दो स्तरों पर पहल की है. कैबिनेट में नए पेपर लीक बिल के मसौदे पर चर्चा हुई, जबकि दूसरी ओर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP और केंद्रीय मंत्रियों के बीच वार्ता हुई. सरकार कानून सख्त करने के साथ आंदोलन का समाधान बातचीत से निकालने की कोशिश कर रही है.
CJP ने बताया सरकार के साथ उनकी क्या बातचीत हुई
सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने बताया कि मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट तक बैठक हुई. उन्होंने कहा कि सरकार उनकी तीन मांगों में से दो पर सकारात्मक नजर आई. सौरभ दास के मुताबिक, सरकार पीड़ित छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक है. इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के मुद्दे पर भी सरकार का रुख सकारात्मक दिखाई दिया. हालांकि, तीसरी मांग पर क्या फैसला हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई. सीजेपी का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी बात हुई है.
#WATCH | Delhi | After meeting with the government, Cockroach Janta Party's National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "The government has asked for time till tomorrow afternoon on our demand for Dharmendra Pradhan's resignation. We hope the govt will remove him soon. The… pic.twitter.com/0zwUGAJ6W0
— ANI (@ANI) July 24, 2026
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में CJP-सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक खत्म
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी और सरकार के बीच बैठक खत्म हो गई है. ये बैठक करीब 50 मिनट तक चली.
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब से आई तस्वीरें
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई है. इसकी तस्वीरें सामने आई हैं. सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में सौरभ दास आशोतष रंका शामिल हैं. वहीं सरकार की ओर से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद हैं

संसद चलो मार्च की NIA जांच की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल, पहले बताइए कानूनी आधार क्या है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई के ‘संसद चलो मार्च’ की NIA से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पूछा कि इसके लिए कानूनी प्रक्रिया क्या है. अदालत ने कहा कि NIA जांच एजेंसी है, इन्क्वायरी एजेंसी नहीं, जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कोर्ट इस मामले में नोटिस जारी कर सकता है.
कैबिनेट की बैठक शुरू, पेपर लीक पर चर्चा
एक ओर सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मिल रहे हैं. तो दूसरी ओर सरकार की कैबिनेट मीटिंग चल रही है. प्रधानमंत्री स्वयं इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. इस बात के संकेत सरकार के अलग-अलग नेताओं की ओर से कई बार दिए जा चुके हैं. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किस तरह और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके, इस पर चर्चा संभव है. पुराने कानून में संशोधन कर उसे और सख्त बनाने पर भी इस कैबिनेट बैठक में चर्चा हो सकती है. कानून के प्रावधानों पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा. कैबिनेट की इस बैठक में अलग-अलग मंत्री शामिल होंगे, जहाँ कानून के प्रारूप में बदलाव पर चर्चा संभव है. कल देर रात प्रधानमंत्री ने संदेश दिया था कि और सख्त कानून लाए जाएंगे, ताकि नियमों और कानूनों में अधिक पारदर्शिता लाई जा सके.
आइसोलेशन में रखकर तोड़ा गया अनशन, दिपके ने लगाए गंभीर आरोप
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने पर खुशी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने वांगचुक को अलग-थलग रखा और विपक्षी सांसदों तथा CJP के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई.
NEET प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी कैसे भेज रहे थे मैसेज?
NEET प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर बिना इंटरनेट के मैसेज भेज रहे हैं. इसके पीछे सिंपल टेक्नोलॉजी है. तस्वीरों से समझिए.
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई है.
पीठासीन जगदंबिका पाल बोले – सरकार चर्चा के लिए तैयार
पीठासीन जगदंबिका पाल ने कहा, माननीय संसदीय कार्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष का नाम लिया है और उन्होंने आग्रह किया है कि जिस नीट परीक्षा के मुद्दे पर आप चर्चा चाहते हैं, उस पर सरकार ने क्या-क्या कार्रवाई की है, उस पर चर्चा हो. यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी सख्त कानून बनाने की बात कही है और कैबिनेट में इस पर चर्चा की बात कही है.
उनका आग्रह है कि यदि आप सदन में चर्चा चाहते हैं, तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है. मेरी बात सुन लीजिए, सरकार चर्चा के लिए तैयार है. मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं, कि कृपया अपनी-अपनी सीट पर जाइए. मैं राहुल को बोलने का अवसर दूंगा. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री का बयान आ चुका है कि सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं. चाहे फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात हो, चाहे नया कानून लाने की बात हो. 13 लोग जेल में हैं. इसमें कोई राजनीति नहीं है और न ही सत्ता-पक्ष या विपक्ष का सवाल है. अगर आपकी भी चिंता है, तो सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है.
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में क्या कहा?
किरेन रिजिजू ने कहा कि सब कानून बनाने के लिए, जो प्रधानमंत्री ने कहा है, उस पर भी हम लोग फैसला लेने जा रहे हैं. ऐसे समय में अगर हम संसद में चर्चा नहीं करेंगे, तो बिल्कुल अच्छा संदेश नहीं जाएगा. मैं राहुल गांधी से अनुरोध करता हूं कि वे अपने कांग्रेस पार्टी के साथियों को समझा दें. बाकी, निजी तौर पर सभी ने अपना मत रखा है कि चर्चा होनी चाहिए. मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि आज पांचवां दिन है, फिर भी हम इस पर अच्छी और सार्थक बहस क्यों नहीं कर सकते. आप कोई शर्त मत रखिए. हम आज भी चर्चा शुरू कर सकते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल हुए मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई.
CJP से वार्ता से पहले अमित शाह से मिले जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह, 12:30 बजे होगी अहम बैठक
CJP प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित वार्ता से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. सरकार की ओर से दोपहर 12:30 बजे संविधान क्लब में होने वाली वार्ता का नेतृत्व जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे.
इसी बीच आंदोलन का एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से कई मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
जंतर-मंतर पर आज सुबह कैसा है माहौल?
जंतर-मंतर पर शुक्रवार की सुबह शांति दिख रही है. सैकड़ों की संख्या में छात्र धरना स्थल पर बैठे नजर आ रहे हैं. खास बात ये है कि दोपहर करीब 12:30 बजे कॉकरोच पार्टी के नुमाइंदे सरकार से बात करने वाली है. ये मुलाकात कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाली है.
सवाल वही, जवाब अभी भी अधूरे
सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कब होगी? छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से भरोसा नहीं लौटेगा, बल्कि ठोस फैसले और जवाबदेही ही शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल कर सकती है।
आलोचकों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पहले से पारदर्शी और मजबूत होती, तो देश को इस तरह के व्यापक छात्र आंदोलन का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे में सरकार के लिए यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास का भी सवाल बन गया है।
संसद मार्च के दौरान पुलिस से झड़प
20 जुलाई को जब CJP के प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि पुलिस के अनुसार 118 पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। इस घटना ने आंदोलन को और अधिक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।

विपक्ष ने दिया समर्थन, सियासत भी तेज
आंदोलन को उस समय और राजनीतिक बल मिला जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इसके बाद सत्तापक्ष की ओर से कांग्रेस पर छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने के आरोप लगाए गए।
हालांकि सोनम वांगचुक की पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
अब इस्तीफे की मांग बनी आंदोलन का केंद्र
शुरुआत में NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है। CJP का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली, मुंबई, पटना सहित कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन अब केवल एक परीक्षा या एक पेपर लीक तक सीमित नहीं
यह आंदोलन अब केवल एक परीक्षा या एक पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है। यह देश के करोड़ों युवाओं के भरोसे, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग का प्रतीक बन चुका है। सरकार ने आश्वासन दिया है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये वादे कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से जमीन पर उतरते हैं। क्योंकि युवाओं का विश्वास केवल बयानों से नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई से ही वापस जीता जा सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel.
