नई दिल्ली: पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार को सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं है और वांगचुक को उनके निजी डॉक्टरों की निगरानी में इलाज की अनुमति दी जानी चाहिए।
उधर, वांगचुक का अनशन रविवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू, निजी अस्पताल भेजने की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि 17 जुलाई को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में वांगचुक की जांच हुई थी, जबकि 18 जुलाई की सुबह उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
उन्होंने अदालत से कहा कि वांगचुक को उनके निजी डॉक्टरों और वकीलों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। परिवार को यह भी जानकारी नहीं है कि उन्हें कौन-सी दवाएं दी जा रही हैं। इसलिए उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर निजी अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति दी जाए।
केंद्र सरकार का पक्ष: स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत में कहा कि वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही थी।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से शरीर में कीटोसिस (Ketosis) जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
पोटैशियम की कमी और लो ब्लड शुगर जैसी स्थितियां भी जानलेवा साबित हो सकती हैं।
सरकार ने अदालत को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पत्नी का आरोप- अस्पताल नहीं, नजरबंदी जैसा माहौल
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात है और उनके पति की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह इलाज से अधिक नजरबंदी जैसा माहौल है। उन्होंने परिवार की सहमति के बिना कोई चिकित्सा प्रक्रिया नहीं अपनाने की भी मांग की है।

अस्पताल का हेल्थ अपडेट
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) फिलहाल स्थिर हैं।
हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कुछ मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। डॉक्टर लगातार उन्हें इलाज स्वीकार करने के लिए समझा रहे हैं।

जंतर-मंतर से अस्पताल तक कैसे पहुंचाया गया
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश मिले।
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर मार्ग थाने में रणनीति बनाई और बिना किसी टकराव के वांगचुक को अस्पताल पहुंचाने की योजना तैयार की।
शनिवार सुबह पुलिस टीम जंतर-मंतर पहुंची। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी सफेद चादरों के साथ मंच पर पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग से बचने के लिए चादरों का इस्तेमाल करते हुए वांगचुक को एम्बुलेंस तक ले जाया गया।
अस्पताल में भी जारी है आमरण अनशन
सोनम वांगचुक ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अपना आमरण अनशन समाप्त नहीं किया है।
उन्होंने ड्रिप, ओआरएस और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती।
संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस सख्त
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि संसद क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से इस मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करने वालों को हिरासत में लिया जा सकता है।
CJP का दावा- प्रदर्शन में घुसाए गए बाहरी लोग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदर्शन स्थल पर माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से भेजे गए हैं।
पार्टी ने अपने समर्थकों से अपील की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन से अलग रखें।
VIDEO | Delhi: Cockroach Janata Party (CJP) founder Abhijeet Dipke says, "It is my second day of hunger strike; now I know how difficult it is. I salute Sonam Sir and the students here for their hunger strike. I am conserving energy for the march tomorrow."
(Full video available… pic.twitter.com/0nXOwIBX4m
— Press Trust of India (@PTI_News) July 19, 2026
मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का समर्थन
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।
वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद में पेपर लीक और सोनम वांगचुक की मांगों पर चर्चा कराने की मांग उठाई है।

नवीन पटनायक ने केंद्र से की अपील
बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से अपील की कि पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से सार्थक बातचीत शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सके।
वांगचुक का संदेश- “20 जुलाई आजादी का दूसरा आंदोलन”
सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि 20 जुलाई को “आजादी का दूसरा आंदोलन” होगा।
उन्होंने लिखा कि यह आंदोलन पेपर लीक जैसे अन्याय और कथित अवैध हिरासत के खिलाफ है तथा लोगों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।

आंदोलन की मुख्य मांगें
- NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय की जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए।
- छात्रों को न्याय और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब आगे क्या?
दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद यह तय होगा कि सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मिलेगी या नहीं। दूसरी ओर 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सियासी हलचल दोनों तेज हो गई हैं।
Written & Edit by : Chandan Patel.
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