देहरादून/उत्तराखंड : देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष लोक सभा राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “छात्रों का भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे, सपने लीक नहीं होने देंगे।“
देहरादून में छात्रों के बीच पहुंचे राहुल गांधी
कार्यक्रम स्थल को लेकर विवाद के बाद आखिरकार राहुल गांधी निर्धारित कार्यक्रम में पहुंचे और बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों से बातचीत की। उन्होंने युवाओं की समस्याएं सुनीं और पेपर लीक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग दोहराई।

उत्तराखंड सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड आज देश में पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।
राहुल गांधी ने कहा कि UKSSSC भर्ती परीक्षाओं में ऐसा तंत्र विकसित हो गया है, जहां सरकारी नौकरियां योग्यता नहीं बल्कि पैसे के दम पर तय होने लगी हैं। उनके मुताबिक यह युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है।
“देवभूमि को पेपर लीक का एपिसेंटर बना दिया”
राहुल गांधी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान शिक्षा और ईमानदारी रही है, लेकिन अब इसे पेपर लीक के मामलों से जोड़ा जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून तो बनाया, लेकिन उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं देता। यदि कानून बनने के बाद भी लगातार प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
“यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, युवाओं के भविष्य की चोरी है”
राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि एक अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करता है, आवेदन शुल्क जमा करता है, दूर-दराज परीक्षा केंद्र तक पहुंचता है और पूरी ईमानदारी से परीक्षा देता है।
लेकिन यदि अंत में नौकरी किसी ऐसे व्यक्ति को मिल जाए जिसने पैसे के दम पर पूरा खेल खरीद लिया हो, तो यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि युवाओं के अधिकार, रोजगार और भविष्य की चोरी है।
सभी छात्रों से की आंदोलन में शामिल होने की अपील
राहुल गांधी ने उत्तराखंड के छात्रों और युवाओं से कहा कि यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं बल्कि हर अभ्यर्थी की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और अब समय आ गया है कि छात्र अपनी आवाज बुलंद करें ताकि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
उत्तराखंड में लगातार उठता रहा है पेपर लीक का मुद्दा
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में ही कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से :
- UKSSSC भर्ती परीक्षा
- पटवारी-लेखपाल भर्ती
- वन दरोगा भर्ती
- जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती
- पुलिस भर्ती परीक्षा
जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती घोटालों के आरोप लगे हैं।
राज्य सरकार ने इन मामलों में कार्रवाई और नकल विरोधी कानून लागू करने का दावा किया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकी हैं।
कांग्रेस की रणनीति में युवाओं पर विशेष फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस आगामी चुनावों से पहले बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
देहरादून का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कोटा से शुरू हुआ था ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी, जहां राहुल गांधी ने पारंपरिक राजनीतिक भाषणों की बजाय छात्रों से सीधे संवाद किया।
उन्होंने कहा था कि भारत की शिक्षा व्यवस्था “सिलेक्शन सिस्टम नहीं बल्कि रिजेक्शन सिस्टम बन गई है।”
राहुल गांधी के अनुसार बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ा रहे हैं और यह देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू
राहुल गांधी ने युवाओं को जोड़ने के लिए ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि वे पेपर लीक, परीक्षा संबंधी समस्याओं या बढ़ती फीस से परेशान हैं तो इस अभियान से जुड़ें और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं।
कांग्रेस की मांग है:
- सस्ती शिक्षा
- निष्पक्ष परीक्षाएं
- पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
- सम्मानजनक रोजगार
9 अगस्त तक चलेगा आंदोलन
कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई संयुक्त रूप से देशभर में पेपर लीक के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। यह आंदोलन 9 अगस्त तक जारी रहेगा, जिसके बाद “दिल्ली चलो” अभियान के तहत राजधानी में बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है।
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा देशभर में
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा देशभर के लाखों युवाओं से जुड़ा हुआ है। राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान इसी मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने की कोशिश है। वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel.
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