नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक इस बार मोदी कैबिनेट का फोकस युवा चेहरे, महिलाओं और नए सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने पर हो सकता है। सरकार मंत्रिमंडल को अधिक युवा स्वरूप देने की तैयारी में है, जिसके तहत बुजुर्ग मंत्रियों की संख्या घटाने के साथ-साथ महिलाओं और 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं की भागीदारी बढ़ाने की योजना पर मंथन चल रहा है।
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़ाकर 75 तक किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2 सितंबर को पश्चिम एशिया दौरे से लौटने के बाद विस्तार की रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की बात सामने आ रही है।
50 साल से कम उम्र के मंत्रियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा मंत्रिमंडल में 50 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत है। संभावित फेरबदल के बाद इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किए जाने पर विचार हो रहा है।
इस बदलाव का उद्देश्य मंत्रिमंडल में नई पीढ़ी के नेतृत्व को अधिक जगह देना बताया जा रहा है। खास तौर पर 40 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना तो जताई जा रही है।
40 साल से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्री हो सकते हैं
वर्तमान में 50 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की संख्या 17 बताई जा रही है। इनमें 40 वर्ष से कम आयु के केवल दो राज्यमंत्री हैं।
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में युवा चेहरों की संख्या बढ़ाने के साथ 40 वर्ष से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चा है। ऐसे में युवा नेतृत्व को लेकर मोदी सरकार का नया फॉर्मूला राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला मंत्रियों की संख्या 7 से बढ़कर 12 होने की संभावना
मोदी कैबिनेट विस्तार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी खास जोर दिया जा सकता है। वर्तमान में केंद्र सरकार में सात महिला मंत्री हैं। सूत्रों के मुताबिक इस संख्या को बढ़ाकर कम से कम 12 करने की योजना पर विचार चल रहा है।
अगर ऐसा होता है तो केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में महिलाओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। इसके लिए पार्टी संगठन और राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ नए महिला चेहरों की तलाश पर भी मंथन होने की बात कही जा रही है।
70 साल से अधिक उम्र वाले मंत्रियों पर भी नजर
मंत्रिमंडल को युवा स्वरूप देने की कवायद में अधिक उम्र वाले मंत्रियों को लेकर भी बड़ा बदलाव संभव है। फिलहाल करीब 12 मंत्री ऐसे बताए जा रहे हैं जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है।
सूत्रों के अनुसार, इनमें से करीब एक चौथाई मंत्रियों को हटाया जा सकता है। वहीं वर्तमान में लगभग 65 प्रतिशत मंत्री 51 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। संभावित विस्तार के बाद इस हिस्सेदारी को घटाकर करीब 50 प्रतिशत तक लाने की योजना बताई जा रही है।
नए सहयोगी दलों को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल विस्तार का एक अहम पहलू नए सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देना भी हो सकता है। आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सहयोगी दलों के नेताओं को केंद्र सरकार में जगह देने पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके साथ ही उन राज्यों को भी ध्यान में रखा जा सकता है जहां आने वाले समय में चुनाव होने हैं। ऐसे में संभावित विस्तार में युवा चेहरे, महिला प्रतिनिधित्व, सहयोगी दल और चुनावी राज्य चार प्रमुख फैक्टर हो सकते हैं।
2 सितंबर के बाद तस्वीर होगी साफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया दौरे से 2 सितंबर को लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम दौर की चर्चा होने की संभावना है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व के स्तर पर होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल संभावित बदलावों को लेकर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, अगर यह फॉर्मूला लागू होता है तो मोदी कैबिनेट का चेहरा पहले की तुलना में युवा और अधिक महिला प्रतिनिधित्व वाला नजर आ सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel

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