पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए देश की माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, ”नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों का क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ लोगों के लिए जब दल हित देश हित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति और देश को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है।” उन्होंने चार दलों- कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर विशेषकर निशाना साधा। इसी के साथ द्रमुक को आड़े हाथ लेते हुए तमिलनाडु और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल का जिक्र किया। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।

पीएम ने कहा, ”कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। देश की नारी शक्ति देख रही थी। मुझे भी यह देखकर दुख हुआ कि जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे?”

उन्होंने कहा, ”उन्होंने जो किया, वह नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के व्यवहार को लेकर कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी।”

ये भ्रूण हत्या के गुनहगार

उन्होंने कहा, ”राज्य छोटा हो, बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो, ज्यादा हो। सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी, लेकिन इस ईमानदार प्रयास की, कांग्रेस और उसके साथियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, डीएमके जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।”

‘कांग्रेस और उसके साथियों ने झूठ का सहारा लिया’ पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि कांग्रेस महिला शक्ति के नारे से ही नफरत करती है। वह हमेशा से ही महिला सशक्तीकरण को रोकने के षड्यंत्र करती रही है। हर बार कांग्रेस ने इसमें रोड़े अटकाएं हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से। कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की।

‘कांग्रेस नहीं चाहती क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े’

उन्होंने कहा, ”मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी। लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश विषयों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है, लेकिन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े।”

‘ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हैं’

पीएम मोदी ने कहा, ”कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं। कोई न कोई तकनीकी पेच फंसाकर ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है। इन्हें डर है है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो इनका नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। यह कभी नहीं चाहेंगे कि इनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज महिलाएं जिस तरह आगे बढ़कर लोकसभा-विधानसभाओं में आना चाहती हैं। परिवारवादियों के अंदर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी है।”

‘डीएमके, तृणमूल के पास मौका था…’: पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इसे मानने के लिए तैयार नहीं हुए। यह संशोधन विधेयक सभी दलों के लिए एक मौका था। अगर यह पारित होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं, लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए इन राज्यों ने अपने लोगों को भी धोखा दे दिया। डीएमके के पास मौका था कि वह और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद बना सकती थी और तमिल लोगों की आवाज मजबूत कर सकती थी। टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था, लेकिन उन्होंने यह मौका गंवा दिया।

पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

‘सपा के पास मौका था, यूपी की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी’

प्रधानमंत्री ने कहा, ”सपा के पास भी मौका था, कि वह महिला विरोधी होने के दाग को धो सके, लेकिन उसने भी मौका गंवा दिया। सपा पहले ही लोहिया जी को भूल चुकी है। लेकिन अब नारी शक्ति विधेयक का विरोध कर के उसने लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। यह यूपी और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।”

‘कांग्रेस एंटी रिफॉर्म पार्टी है’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर महिला शक्ति विधेयक का विरोध कर के एक बात सिद्ध कर दी है। यह एंटी रिफॉर्म पार्टी है। जो भी निर्णय देश के लिए जरूरी हैं और जो निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उसका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है या खलल डालती है। कांग्रेस के इस रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है। यह लड़ाई कांग्रेस की उसी एंटी रिफॉर्म विचार से है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि देश की माताएं-बहनें कांग्रेस की इस मानसिकता का जवाब देकर रहेंगी।

देश दुनिया की खबरों की अपडेट के लिए AVN News पर बने रहिए।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *