CJP Protest Live Updates : देश की शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का जनआंदोलन बन चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आज देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी यह आवाज अब मुंबई, पटना समेत कई शहरों तक पहुंच चुकी है।
इसी बीच आंदोलन का एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से कई मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
जंतर-मंतर पर आज सुबह कैसा है माहौल?
जंतर-मंतर पर शुक्रवार की सुबह शांति दिख रही है. सैकड़ों की संख्या में छात्र धरना स्थल पर बैठे नजर आ रहे हैं. खास बात ये है कि दोपहर करीब 12:30 बजे कॉकरोच पार्टी के नुमाइंदे सरकार से बात करने वाली है. ये मुलाकात कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाली है.
सवाल वही, जवाब अभी भी अधूरे
सरकार की ओर से कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कब होगी? छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से भरोसा नहीं लौटेगा, बल्कि ठोस फैसले और जवाबदेही ही शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल कर सकती है।
आलोचकों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पहले से पारदर्शी और मजबूत होती, तो देश को इस तरह के व्यापक छात्र आंदोलन का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे में सरकार के लिए यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास का भी सवाल बन गया है।
संसद मार्च के दौरान पुलिस से झड़प
20 जुलाई को जब CJP के प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि पुलिस के अनुसार 118 पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। इस घटना ने आंदोलन को और अधिक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।

विपक्ष ने दिया समर्थन, सियासत भी तेज
आंदोलन को उस समय और राजनीतिक बल मिला जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इसके बाद सत्तापक्ष की ओर से कांग्रेस पर छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने के आरोप लगाए गए।
हालांकि सोनम वांगचुक की पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
अब इस्तीफे की मांग बनी आंदोलन का केंद्र
शुरुआत में NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है। CJP का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली, मुंबई, पटना सहित कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन अब केवल एक परीक्षा या एक पेपर लीक तक सीमित नहीं
यह आंदोलन अब केवल एक परीक्षा या एक पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है। यह देश के करोड़ों युवाओं के भरोसे, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग का प्रतीक बन चुका है। सरकार ने आश्वासन दिया है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये वादे कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से जमीन पर उतरते हैं। क्योंकि युवाओं का विश्वास केवल बयानों से नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई से ही वापस जीता जा सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel.
