जमुई/चकाई: चकाई प्रखंड के कर्णगढ़ स्थित दो सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) संजय कुमार ने उत्क्रमित कन्या विद्यालय और मध्य विद्यालय कर्णगढ़ का औचक निरीक्षण किया, तो मौके पर कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण में शौचालय बंद मिले, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) समय पर संचालित नहीं हो रहा था और तीन रसोइया बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। वहीं ग्रामीणों ने शिक्षकों पर अभद्र व्यवहार, समय से पहले विद्यालय छोड़ने, शराब के नशे में स्कूल आने और मार्कशीट देने के नाम पर अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए। मामले को गंभीर मानते हुए बीईओ ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।
औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की बदहाली
ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर बीईओ संजय कुमार ने उत्क्रमित कन्या विद्यालय और मध्य विद्यालय कर्णगढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की व्यवस्था बेहद खराब मिली। दोनों स्कूलों के शौचालय बंद थे, जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं मध्याह्न भोजन योजना भी समय पर संचालित नहीं हो रही थी।
तीन रसोइया बिना सूचना मिले गायब, मानदेय पर रोक
निरीक्षण के दौरान तीन रसोइया कर्मी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर बीईओ ने तत्काल प्रभाव से उनका मानदेय रोकने का निर्देश दिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा।

कर्णगढ़ के ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
बीईओ के विद्यालय पहुंचते ही ग्रामीणों ने कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। ग्रामीणों का आरोप है कि उत्क्रमित कन्या विद्यालय में नियमित पढ़ाई नहीं होती। शिक्षक बच्चों से अभद्र भाषा में बात करते हैं और मार्कशीट देने के नाम पर प्रति छात्र ₹250 की अवैध वसूली की जाती है।
इसके अलावा कुछ शिक्षकों पर शराब के नशे में विद्यालय आने, समय से पहले स्कूल छोड़ने और प्रधानाध्यापक पर विद्यालय खोलकर घर चले जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए।
बीईओ ने शिक्षकों को लगाई फटकार
विद्यालय में मिली अनियमितताओं पर बीईओ संजय कुमार ने मौके पर ही शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी विद्यालयों में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दूसरा शो-कॉज नोटिस, डीईओ को भेजी जाएगी रिपोर्ट
मीडिया से बातचीत में बीईओ संजय कुमार ने बताया कि इससे पहले अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों और प्रधानाध्यापक को पहला कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब दूसरा शो-कॉज नोटिस जारी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से विद्यालयों में अनियमितता की शिकायत की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब बीईओ की जांच के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सकेगी। (इनपुट: ग्रामीण ईश्वर कुमार तूरी)
Written & Edit by : Chandan Patel.
