Jamui Fake Hospital News: बिहार के जमुई जिले में बिना रजिस्ट्रेशन और आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। झाझा, चकाई समेत जिले के कई इलाकों में हुई जांच के बाद विभाग द्वारा दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान अधिकांश अस्पताल संचालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत ही नहीं कर सके। ऐसे में अब अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
24 घंटे का अल्टीमेटम हुआ खत्म
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में झाझा, चकाई और अन्य क्षेत्रों में कई निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की जांच की थी। जांच के दौरान संचालकों से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की योग्यता, लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे।
विभाग ने जिन अस्पतालों के पास दस्तावेज नहीं मिले, उन्हें 24 घंटे के भीतर सभी वैध कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अब यह समयसीमा पूरी हो चुकी है।

अधिकांश संचालक नहीं दिखा सके वैध दस्तावेज
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कई निजी अस्पताल संचालक आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने में असफल रहे। कई जगह अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन, बिना मान्यता और नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित होते पाए गए।
यदि दस्तावेज सही नहीं पाए गए तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे जमुई जिले में चल रहे हैं बिना रजिस्ट्रेशन अस्पताल!
जमुई जिले में लंबे समय से बिना पंजीकरण निजी अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालित होने के आरोप लगते रहे हैं। कई बार मरीजों के इलाज में लापरवाही और फर्जी डॉक्टरों द्वारा इलाज किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई ऐसे अवैध संस्थानों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
कार्रवाई की तैयारी पूरी
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग अब उन अस्पतालों की सूची तैयार कर रहा है जो निर्धारित समय के भीतर वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके हैं। ऐसे अस्पतालों को सील करने, संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अन्य कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
हालांकि, विभाग की ओर से अभी आधिकारिक कार्रवाई की सूची जारी नहीं की गई है।
मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन और बिना योग्य चिकित्सकों के संचालित अस्पताल मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा।
फिलहाल क्या है स्थिति?
झाझा, चकाई सहित कई क्षेत्रों में जांच पूरी।
24 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त।
अधिकांश संचालक वैध कागजात नहीं दिखा सके।
स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई की तैयारी में।
आधिकारिक कार्रवाई कभी भी शुरू हो सकती है।
Written & Edit by : Chandan Patel.
