गिद्धौर (जमुई): बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का शुक्रवार को जमुई जिले के गिद्धौर में पहली बार आगमन हुआ। उनके आगमन पर शिक्षक समुदाय ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। शिक्षा मंत्री के स्वागत के लिए सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं पहले से ही गिद्धौर में मौजूद थे। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पांच सूत्री मांग पत्र भी मंत्री को सौंपा।
शिक्षक संघ के नेतृत्व में हुआ भव्य स्वागत
पटना से सिमुलतला जाने के क्रम में शिक्षा मंत्री का काफिला गिद्धौर में रुका। यहां बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और फूल-मालाओं से सम्मानित किया गया।
स्वागत समारोह में शिक्षकों ने राज्यभर के लाखों विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं पुस्तकालयाध्यक्षों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को लेकर पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा।
डायट और संस्कृत महाविद्यालय को लेकर उठी महत्वपूर्ण मांग
प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने शिक्षा मंत्री के समक्ष गिद्धौर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में जल्द शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराने की मांग रखी। इसके अलावा लंबे समय से बंद पड़े संस्कृत महाविद्यालय, गिद्धौर को पुनः संचालित करने का भी आग्रह किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों संस्थानों को सक्रिय किया जाता है तो इससे जमुई जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और स्थानीय छात्रों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से किया सीधा संवाद
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के आग्रह पर गिद्धौर में रुककर उनसे सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना तथा सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि मंत्री के इस दौरे से जिले के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय होगा।

शिक्षा जगत और राजनीतिक क्षेत्र के कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सीमा कुमारी, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केशरी, लोजपा जिलाध्यक्ष जीवन सिंह, डायट प्राचार्य डॉ. नावेद हसन खान, प्रदेश कोषाध्यक्ष रवि यादव, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश पासवान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, डायट व्याख्याता एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जमुई के शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा दौरा
शिक्षक नेताओं का मानना है कि शिक्षा मंत्री का यह पहला गिद्धौर दौरा जमुई जिले के शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
Written by : Chandan Patel.
Reported by: Bikki Kumar
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