अलीगंज (जमुई): नवादा–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर स्थित जर्जर जम्हड़िया पुल को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पुल की लगातार खराब होती स्थिति और संभावित दुर्घटना के खतरे को देखते हुए पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर बैरियर लगाकर निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
61 वर्ष पुराना पुल बना चिंता का कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार जम्हड़िया पुल करीब 61 वर्ष पुराना है। लंबे समय से इसकी समुचित मरम्मत नहीं होने के कारण पुल की संरचना कमजोर हो चुकी है। पुल के कई हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही हैं और सतह भी काफी जर्जर हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भारी ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के आवागमन से पुल की स्थिति और अधिक खराब होती जा रही थी। हाल के दिनों में पुल पर कंपन और झुकाव जैसी शिकायतें भी सामने आई थीं।
प्रशासन और पथ निर्माण विभाग ने किया निरीक्षण
पुल की खराब स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। तकनीकी जांच के दौरान पुल की स्थिति चिंताजनक पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने एहतियातन भारी वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है।
निर्णय के बाद पुल के दोनों ओर बैरियर लगाए गए हैं और पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ट्रक, बस और बड़े वाहनों पर लगी पूरी तरह से रोक
प्रशासन के निर्देश के अनुसार अब पुल से ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों का गुजरना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला केवल जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
जब तक पुल की तकनीकी रिपोर्ट नहीं आ जाती और आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं हो जाता, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा।
छोटे वाहनों को सावधानी के साथ दी गई अनुमति
प्रशासन ने फिलहाल बाइक, साइकिल और छोटे चारपहिया वाहनों को सावधानीपूर्वक पुल पार करने की अनुमति दी है। साथ ही वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक जोखिम लेने से बचें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
ग्रामीणों और यात्रियों को हो रही परेशानी
नवादा और सिकंदरा को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है। भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से आसपास के गांवों के लोगों और आने जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई लोगों को अब गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ रही है।
व्यापार और परिवहन कारोबार पर पड़ा असर
पुल पर प्रतिबंध का असर स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। मालवाहक वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ढुलाई की लागत बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने की मरम्मत और नए पुल निर्माण की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जम्हड़िया पुल की जल्द मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि पुल की स्थिति में सुधार संभव नहीं है तो नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या कहा प्रशासन ने?
अधिकारियों के अनुसार पुल की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। तब तक सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
प्रशासन ने लोगों से इसमें सहयोग करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

जम्हड़िया पुल मरम्मत अथवा नए निर्माण संबंधी निर्णय पर टिकी
जम्हड़िया पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाया गया प्रतिबंध जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब लोगों की नजर तकनीकी जांच रिपोर्ट और पुल की मरम्मत अथवा नए निर्माण संबंधी निर्णय पर टिकी हुई है।
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Ground Report By Bikki Kumar
Edited and Written by : Chandan Patel.
