कर्नाटक में कांग्रेस ने अपने शासन के 100 दिनों पूरा होने का जश्न अपनी सबसे महंगी योजना गृह लक्ष्मी की शुरुआत के साथ मनाया. इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखियाओं को प्रति माह ( Month) 2,000 रुपये देने का वादा किया गया है.
इस कार्यक्रम की योजना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के गृह मैदान मैसूरु (Mysuru) में बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता शीर्ष नेतृत्व (Top leadership) राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने की थी. राहुल गांधी ने कहा था, ‘कर्नाटक के विभिन्न कोनों से महिलाएं यहां मौजूद हैं. मैं इस कार्यक्रम में उनका स्वागत करता हूं.’ इवेंट (Event) से लगभग 10 महिलाएं अपने खातों में 2,000 रुपये और चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान लिए बाहर आईं. जबकि अनुमानित 1.08 करोड़ लाभार्थियों (Beneficiaries) में से 50 प्रतिशत खातों (Account Number) में आज पैसा जमा हो जाएगा, शेष को कल पैसा देने का वादा किया गया है.
आखिर क्या है शर्त इस योजन की?
योजना का लाभ उठा रही महिलाओं में से एक महिला ने कहा है की , “मैं बहुत खुश हूं. इससे मुझे अपने बच्चों की स्कूल फीस भरने में बहुत मदद मिलेगी.” वहीं दूसरी महिला ने कहा, “मैं स्वतंत्र महसूस करती हूं. मुझे दवाइयों के लिए अपने बच्चों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है.” योजना में एकमात्र शर्त यह है कि इसका लाभ केवल वही परिवार उठा सकते हैं जो वस्तु एवं सेवा कर (GST) और आयकर रिटर्न (Income tax return) दाखिल नहीं करते हैं.
आखिर क्या है गृह लक्ष्मी योजना ?
कर्नाटक सरकार द्वारा घोषित गृह लक्ष्मी योजना के तहत घर की मुखिया महिलाओं को 2,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता (मदद) प्रदान की जाएगी. ये योजना महिलाओं की सहायता और उनकी आजीविका (livelihood) में सुधार के लिए शुरू की गई है. इसका उद्देश्य गृहिणियों, भूमिहीन (Landless) महिलाओं और कृषि महिला श्रमिकों को डीबीटी मोड (DBT mode) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना है.

और क्या हैं अन्य शर्त?
कर्नाटक की कांग्रेस पार्टी सरकार ने चालू वित्त वर्ष में गृह लक्ष्मी कार्यक्रम के लिए 17,500 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं. गृह लक्ष्मी योजना कांग्रेस पार्टी की उन 5 गारंटियों में से एक है, जिनके वादे कर्णाट चुनाव से पहले किए गए थे. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कहा था कि राज्य सरकार ने पांच गारंटियों में से तीन शक्ति, गृह ज्योति और अन्न भाग्य को पहले ही लागू कर दिया है. गृह लक्ष्मी योजना चौथी गारंटी है. पांचवीं गारंटी युवा निधि (Youth fund) है, जिसके तहत राज्य के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया गया है. कांग्रेस पार्टी के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) का दावा है कि यह महिलाओं के लिए दुनिया की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है.
क्या क्या आई चुनौतियां इसे लागू करने मैं?
कर्नाटक की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर ने कहा, ‘राशन कार्ड और आधार कार्ड की कर और जीएसटी विवरण (GST details) जानने के लिए एक साथ जांच की जाती है.’ जबकि राशन कार्ड और कुटुम्बा सॉफ़्टवेयर (Kutumba Software) का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि कोई दोहराव (Revision) न हो, और इसे सख्ती से गोपनीय रखते हुए डेटा का कोई दुरुपयोग ना कर सके, फिर भी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं.
महिला एवं बाल कल्याण विभाग की निदेशक अर्चना एमएस ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए सावधान (Alrt ) थे कि एक ही घर से दो महिला मुखिया न हों. लेकिन जिन लोगों की मृत्यु हो गई है उनके राशन कार्ड की देखभाल करने में हमें काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.”
क्या इससे कांग्रेस पार्टी को कितना फायदा होगा?
एक लाभार्थी प्रेमा ने कहा कि राशन कार्ड उसकी दादी के नाम पर है, जिनकी मृत्यु (Death) हो चुकी है. प्रेमा ने कहा, “हमें इसे बदलना हैं. उन्होंने कहा कि वे उसका नाम हटाने में और नया नाम जोड़ने मैं मदद करेंगे और अगले महीने की पहली तारीख तक नया नाम जारी करेंगे.”.जबकि अधिकांश महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें पैसे नहीं मिले तो वे असहाय (Helpless) हो जाएंगी, वहीं लाभान्वित होने वाली अन्य महिलाओं ने दावा किया कि वे वोट के साथ एहसान का जवाब देंगी. यह देखने वाली बात होगी कि क्या कांग्रेस पार्टी द्वारा खुद को अच्छी तरह से पेश करने और महिलाओं के वोट हासिल करने का ये प्रयास कितना सफल हो पाता है? और इससे पार्टी को 2024 के चुनावो में कितना फायदा या कितना लाभ होगा ये तो समय ही बताएगा।
