गिद्धौर (जमुई): जमुई जिले के गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज से अधिक अव्यवस्था देखने को मिलती है। ताजा मामले में एक घायल मरीज के हाथ में अस्पताल के एक एएनएम द्वारा इमरजेंसी रजिस्टर थमा देने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि एएनएम ने घायल मरीज को रजिस्टर पकड़ाते हुए कहा कि अब डॉक्टर से मिल लीजिए। इस घटना का वीडियो स्थानीय पत्रकारों के पास भी मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

व्यवस्था
घायल मरीज के हाथ में अस्पताल का इमरजेंसी रजिस्टर

कई बार वायरल हो चुके हैं वीडियो, फिर भी नहीं बदली व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल की अव्यवस्था से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। बावजूद इसके न तो अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार हुआ और न ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को समय पर इलाज, उचित मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई बार मरीज और उनके परिजन खुद अस्पताल की प्रक्रियाओं को संभालने को मजबूर हो जाते हैं।

“कैंसर जैसी बीमारी” बन चुकी है अस्पताल की अव्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्था अब ऐसी समस्या बन चुकी है, जो धीरे-धीरे पूरे स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित कर रही है। उनका आरोप है कि अस्पताल में वर्षों से कई अधिकारी और कर्मचारी पदस्थापित हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज कई बार निराश होकर लौट जाते हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल की समस्याओं पर न तो स्थानीय स्तर पर गंभीर पहल होती है और न ही जिला स्तर के अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हैं।

कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही नाराजगी

लोगों का आरोप है कि अस्पताल से जुड़ी कई शिकायतें और सबूत सामने आने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होती। इससे आम लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि सरकारी अस्पतालों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर समय पर कार्रवाई हो, तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं।

जांच और सुधार की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करने तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल गरीब और जरूरतमंद लोगों का सबसे बड़ा सहारा हैं, इसलिए यहां की व्यवस्था दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।

Written & Edit by : Chandan Patel.

Reported by: Bikki Kumar.

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