जमुई: आम उपभोक्ता का बिजली बिल एक-दो महीने बकाया होते ही बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर देती है। लेकिन जब बारी सरकारी विभागों की आती है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। बिजली विभाग की आंतरिक डिफॉल्टर सूची ने झाझा के कई सरकारी कार्यालयों की वित्तीय स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूची के अनुसार, झाझा प्रखंड के 12 सरकारी विभागों और कार्यालयों पर कुल 18,39,968 रुपये का बिजली बिल बकाया है। अब विभाग इन बकाया राशियों की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में जुट गया है।

झाझा के 12 सरकारी विभागों पर लाखों का बिजली बिल बकाया

बिजली विभाग की सूची के मुताबिक झाझा प्रखंड के विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर कुल 18.39 लाख रुपये का बिजली बिल लंबित है। सबसे अधिक बकाया झाझा रेफरल अस्पताल पर दर्ज किया गया है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय भी लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर सके हैं।

रेफरल अस्पताल सबसे बड़ा डिफॉल्टर

डिफॉल्टर सूची में झाझा रेफरल अस्पताल पर 3,95,059 रुपये का बिजली बिल बकाया है। वहीं हथिया स्थित एक विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय पर 3,39,973 रुपये का बिल लंबित बताया गया है।

इसके अलावा :

  • मनरेगा भवन स्थित कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय – 1,90,071 रुपये
  • पीएचईडी सब-डिवीजन सहायक अभियंता कार्यालय – 1,69,497 रुपये
  • प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय – 1,61,810 रुपये
  • प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय के तीन बिजली कनेक्शनों पर कुल – 1,98,459 रुपये
  • ग्रामीण कार्य विभाग सहायक अभियंता कार्यालय – 1,48,943 रुपये
  • अनुग्रह मध्य विद्यालय – 1,10,055 रुपये
  • झाझा थाना परिसर – 95,615 रुपये

अन्य विभागों पर भी अलग-अलग राशि का बिजली बिल बकाया है।

बिल
झाझा रेफरल अस्पताल

भुगतान नहीं हुआ तो कट सकती है बिजली

विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से लंबित बिजली बिल की वसूली के लिए संबंधित विभागों को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान या आवश्यक सामंजस्य नहीं किया गया तो बिजली आपूर्ति बाधित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

यदि ऐसा होता है तो कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है।

सबसे कम बकाया इस विभाग पर

सूची के अनुसार, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम पर सबसे कम 30,486 रुपये का बिजली बिल बकाया दर्ज किया गया है।

आम उपभोक्ताओं पर सख्ती, सरकारी विभागों से वसूली बनी चुनौती

बिजली विभाग आम उपभोक्ताओं के बकाया बिल की वसूली में सख्ती बरतता रहा है। लेकिन अब उसके सामने अपने ही सरकारी विभागों से करोड़ों नहीं, बल्कि लाखों रुपये के बकाया की वसूली की चुनौती खड़ी हो गई है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग समय रहते भुगतान करते हैं या विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ती है।

क्या बोले कार्यपालक पदाधिकारी
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, जमुई ने कहा :

“सरकार द्वारा ही विभाग को भुगतान के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। आवंटन मिलने के बाद बिजली बिल का भुगतान किया जाता है।”

Written & Edit by : Chandan Patel.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से पहले रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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