नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में शिक्षा राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन, बढ़ते जनदबाव और लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच आया यह फैसला राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। मोदी सरकार के किसी वरिष्ठ मंत्री का व्यापक जन आंदोलन के दबाव के बीच पद छोड़ना बेहद असाधारण घटनाक्रम माना जा रहा है। इस्तीफे की घोषणा के साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई, जबकि पूरे देश की नजरें अब सरकार के अगले कदम और आंदोलन की आगामी दिशा पर टिक गई हैं।
इस बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सार्वजनिक परीक्षाओं में संगठित पेपर लीक करने वालों के खिलाफ 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान करने वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। ऐसे में आज का दिन आंदोलन, छात्रों और सरकार—तीनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
CJP Protest Live News Updates में आपको जंतर-मंतर से हर बड़ी अपडेट, सरकार और CJP के बीच बैठक की जानकारी, संसद मार्च से जुड़े फैसले, दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, पेपर लीक कानून में प्रस्तावित बदलाव और आंदोलन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर सबसे पहले मिलेगी। AVN News पेज़ को रिफ्रैश करते रहे….
सरकार ने सभी प्रमुख मांगें मानी, CJP ने किया जंतर-मंतर प्रोटेस्ट खत्म करने का ऐलान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं. इनमें से पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा, ‘आज कुछ देर पहले धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दे दिया. हमारी पहली मांग मान ली गई है.’ सौरव दास ने कहा कि दूसरी मांग आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की थी. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर भी सहमति जताई है. उन्होंने कहा, ‘जिन राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकारें हैं वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के सदस्यों के खिलाफ भी किसी तरह का एक्शन नहीं होगा.’ आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार मंगलवार तक अपनी गारंटी लिखित रूप में दे देगी. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर भी सहमति बन गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी सभी प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है, इसलिए हम आंदोलन वापस लेने का ऐलान करते हैं. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों ने चार सूत्रीय लिखित मसौदा सरकार को सौंपा था. उन्होंने कहा कि इसमें सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने, नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए चार्टर का अध्ययन करने तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है. बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक तौर पर आंदोलन वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा, हम अपना आंदोलन वापस लेते हैं.
सीजेपी ने जंतर-मंतर पर धरना खत्म करने का ऐलान किया
कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने सरकार के साथ अपनी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह ऐलान किया.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में थोड़ी देर में केंद्रीय मंत्री और सीजेपी डेलिगेशन कर सकते हैं जॉइंट पीसी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत चल रही है. कुछ देर में दोनों पक्ष संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.
सीजेपी डेलिगेशन की जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक जारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-जंतर आंदोलनरत छात्रों ने जश्न मनाया. दिल्ली मेट्रो ने मंडी हाउस, राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट खोल दिए हैं. लोग जंतर-जंतर से अपने घरों के लिए जाने लगे हैं लेकिन बहुत सारे प्रदर्शनकारी छात्र अब भी वहां मौजूद हैं और कॉकरोच जनता पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल सीजेपी डेलिगेशन की सरकार के प्रतिनिधियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक चल रही है. जंतर-जंतर पर अपील की जा रही है कि सरकार ने आपकी सभी मांगें मान ली हैं, अब आप घर जाइए.
देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे- तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत! दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार! छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई! बहुत से सवाल अनुत्तरित हैं. देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे.’
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत
नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट में लिखा, ‘यह लोकतंत्र की जीत है! प्रत्यक्ष लोकतंत्र… सड़कों से. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. सीजेपी, देश की पीढ़ी (जेनरेशन जेड) को बधाई और देश के हर कोने से उठ खड़े होने और भय को दूर करने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद. जवाबदेही से, अब सुधारों की ओर.’
NEET विवाद के बीच के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, पीएम मोदी को भेजा पत्र
NEET-UG परीक्षा विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. सोशल मीडिया पर साझा पत्र में उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद से ऊपर है. उन्होंने परीक्षा सुधार, CBI जांच और NEET को CBT मोड में कराने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया.
टॉलस्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
जंतर-मंतर से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को टॉलस्टॉय मार्ग पर पुलिस ने रोक दिया. इस दौरान पुलिस पर पथराव की घटना हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RAF ने प्रदर्शनकारियों पर लगातार आंसू गैस के गोले छोड़े.
देहरादून में कांग्रेस का मार्च, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बाहर हंगामा
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय तक मार्च निकाला. विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान कुछ कार्यकर्ता गेट और वाटर कैनन पर चढ़ गए और वहीं धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली. प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई नेता शामिल रहे.
प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग की. उनका कहना था कि अगर सरकार पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई करती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं और यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पूरे उत्तराखंड में आंदोलन तेज करेगी. उन्होंने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस्तीफे की भी मांग की.
पटना में लाठीचार्ज पर क्या बोले प्रदर्शनकारी?
पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लेफ्ट छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों को मौके पर पहुंचते ही हटाया जा रहा है. छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. आजतक से बातचीत करते हुए एक दसवीं की छात्रा ने कहा कि वो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी तब भी लाठीचार्ज किया गया.
औरंगाबाद में छात्रों का प्रदर्शन, रमेश चौक पर बैरिकेडिंग तोड़ी
बिहार में पेपर लीक और छात्रों की मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच शनिवार को औरंगाबाद के रमेश चौक पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन के लिए जुटे. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. छात्रों ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की. इसी बीच छात्रों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस पर रोड़ेबाजी की. स्थिति को देखते हुए रमेश चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
दिल्ली पुलिस बोली-सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट की गई है
देश भर में CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर कई गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई. पुलिस ने बताया कि एक पोस्ट में दावा किया गया कि 20 जुलाई की घटना में एक महिला की मौत हो गई है. दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया किया कि किसी की भी मौत नहीं हुई.
दिल्ली DCP ने केजरीवाल के पोस्ट दिखाकर बोली कि 400 से ज्यादा हैंडल्स की पहचान की गई है. दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस सेना की तैनाती को लेकर झूठी खबर फैलाई गई. एक महिला की मौत का झूठा दावा किया, सोनम वांगचुक का फेक वीडियो साझा किया जा रहा था. लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की.
Jantar Mantar को घेराबंदी में बदलने का आरोप, CJP ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
CJP ने जंतर-मंतर और उसके आसपास दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. पार्टी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को घेराबंदी वाले इलाके में बदल दिया गया है. CJP ने कहा कि जंतर-मंतर कोई जेल या सैन्य क्षेत्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है.

CJP ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से अपील की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने, उन्हें हिरासत में लेने या डराने-धमकाने की कार्रवाई बंद की जाए. पार्टी ने यह भी मांग की कि प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन, पीने का पानी, दवाइयां, स्वच्छता सामग्री और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही में बाधा न डाली जाए और जंतर-मंतर के आसपास भय और घेराबंदी का माहौल खत्म किया जाए.

पटना में छात्र प्रदर्शन के बीच तनाव, डाकबंगला चौराहे पर पथराव और लाठीचार्ज
NEET पेपर लीक को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित एग्जीबिशन रोड से पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया.

धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए’, राहुल गांधी ने दोहराई छात्रों की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये तीनों गैर-समझौतावादी हैं. उन्होंने कहा कि पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार के प्रतीक बन गए हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने पर विचार कर रही है, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा. उनके मुताबिक, छात्रों की मांग साफ है कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी मांग यह है कि छात्रों पर कार्रवाई करने वाले दिल्ली पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों पर हुए हमले के लिए माफी मांगनी चाहिए.
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उन्हें उन पर गर्व है. उन्होंने कहा कि छात्र डरने वाले नहीं हैं और वे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं, जबकि नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं.
राहुल गांधी के साथ तीन AISA छात्राएं भी थीं जिन्होंने जंतर-मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल की थी. राहुल गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं, अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता.”
छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये पूरी तरह गैर-समझौतावादी हैं. उन्होंने कहा कि पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और अक्षमता के प्रतीक बन गए हैं और छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं. राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि सरकार के भीतर धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने पर चर्चा हो रही है, लेकिन यह छात्रों को स्वीकार नहीं होगा. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग साफ है कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए.
72 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटाई गई थी छात्रा, अब स्टेबल- RML Hospital
ABVIMS और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने बताया है कि प्रदर्शन से जुड़े कथित मामले में गंभीर हालत में भर्ती 21 वर्षीय युवती की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. अस्पताल के अनुसार, करीब 72 घंटे पहले उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था और अब वह खुद सामान्य रूप से सांस ले रही हैं. वह पूरी तरह होश में हैं, सतर्क हैं और डॉक्टरों के निर्देशों का जवाब दे रही हैं.
अस्पताल ने कहा कि पिछले 24 घंटे से युवती को मुंह के जरिए भोजन दिया जा रहा है, जिसे वह अच्छी तरह सहन कर रही हैं. फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, हालांकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में रखा गया है और उनका इलाज जारी है.

पटना के गांधी मैदान में छात्रों को पुलिस ने दौड़ाया
पटना के गांधी मैदान में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और छात्रों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा है. लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्र गांधी मैदान पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां पहुंचते ही पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मौके से हटा रही है.मौके पर मौजूद छात्रों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. गांधी मैदान के आसपास पुलिस की निगरानी लगातार जारी है.

Writtin and Edit By : Chandan Patel.
