चारा घोटाला केस में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द कराने के लिए CBI ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को मंजूर कर लिया है। इस पर 25 अगस्त को सुनवाई होगी।

जांच एजेंसी ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। CBI ने याचिका में कहा है कि झारखंड हाईकोर्ट के जमानत के आदेश का आधार गलत है। लालू यादव ने सजा के मुताबिक समय जेल में नहीं बिताया है।

झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले साल अप्रैल में मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि लालू यादव पहले ही सजा का आधा हिस्सा काट चुके हैं। 30 अप्रैल 2022 को लालू यादव को जमानत दे दी गई थी। लालू करीब 3 साल तक रांची के जेल में रहे।

कब कब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल गए:

पहली दफा 30 जुलाई 1997 को जेल गए।

दुसरी दफा 28 अक्टूबर 1998 को 73 दिनो के लिए जेल गए थे लालू प्रसाद यादव।

तीसरी दफा 5 अप्रैल 2000 को मात्र 11 दिन के लिए जेल गए।

चौथी दफा 28 नवंबर 2000 को केवल 1 दिन के लिए जेल गए।

पांचवी दफा 3 अक्टूबर 2014 को 70 दिनो के लिए जेल गए थे।

छठी दफा 23 दिसंबर 2017 को जेल गए थे और 17 अप्रैल 2021 को जमानत मिली और अभी जेल के बाहर है जमानत पर।

बिहार के डिप्टी सीएम ने क्या कहा :

बिहार के डिप्टी सीएम और लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा है कि चुनाव आ रहा है तो अब ये सब चलता रहेगा। अब ये लोग लगातार तंग करेंगे, हम लोग डरेंगे नहीं। कोर्ट में अपनी बात रखेंगे और जीतेंगे।

और लगता भी है की तेजस्वी यादव के बातो मै दम है क्योंकि जब भी कोई बड़ा चुनाव या विपक्षी दलों की एकता की बात होती है तो सीबीआई और ED की जांच तेज हो जाती है ।

जिस परकार आज कल बिहार सीएम नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव से बार बार मुलाकात कर रहे है इससे भारतीय जनता पार्टी मैं हड़कम मचा हुआ ।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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