नई दिल्ली: चुनाव आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि यदि सॉफ्टवेयर के नाम और वर्जन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाती है, तो स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कथित गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं और उनके इस्तीफे के साथ SIR प्रक्रिया को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
ECINET सॉफ्टवेयर पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
कांग्रेस के मुताबिक, चुनाव आयोग ने उस सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार कर दिया है, जिसका इस्तेमाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में गलतियों और विसंगतियों की पहचान करने के लिए किया गया था।
इस मामले में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी देने से चुनाव आयोग ने इनकार किया है। आयोग का तर्क बताया गया है कि मांगी गई जानकारी RTI अधिनियम के दायरे से बाहर है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी साझा नहीं किए जाने से अपने आप किसी चुनावी हेराफेरी की पुष्टि नहीं होती है। कांग्रेस के आरोपों और आयोग के पक्ष का स्वतंत्र रूप से सत्यापन होना जरूरी है।
जयराम रमेश का आरोप- जानकारी सामने आई तो खुलेगी कथित हेराफेरी की पोल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
उनका दावा है कि चुनाव आयोग इस जानकारी को साझा करने से बार-बार इनकार कर रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सॉफ्टवेयर के नाम और वर्जन की जानकारी सामने आने से SIR प्रक्रिया के दौरान कथित गड़बड़ियों की जांच में मदद मिल सकती है।
जयराम रमेश ने इस मुद्दे को उठाते हुए निर्वाचन आयोग की जवाबदेही और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
‘जनता जानती है भारी हेराफेरी हुई’
जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा, ‘जनता जानती है कि इसमें भारी हेरफेर हुई है। ज्ञानेश कुमार को जाना चाहिए। SIR को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।’
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए SIR प्रक्रिया को निलंबित करने की मांग की है।
हालांकि, कथित हेराफेरी के आरोपों को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य और स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होंगे।
उत्तर प्रदेश में भी वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
इससे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे। पार्टी ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े किए थे।
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में घटना को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक कृत्य है, इसलिए मामले में FIR दर्ज कराई गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि मामले में SDM रैंक के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में सामने आए मामले के संदर्भ में बताई गई है। इसे ECINET सॉफ्टवेयर विवाद से सीधे जुड़ा हुआ मानने के लिए अलग से प्रमाण जरूरी हैं।
SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बढ़ी बहस
ECINET सॉफ्टवेयर को लेकर उठे सवालों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।
कांग्रेस इस मामले में जानकारी सार्वजनिक करने और जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। वहीं, सॉफ्टवेयर से संबंधित सूचना देने से इनकार करने के पीछे चुनाव आयोग का बताया गया तर्क भी इस विवाद का अहम हिस्सा है।
अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ECINET सॉफ्टवेयर के नाम और वर्जन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है या नहीं, RTI के तहत उसे साझा करने से इनकार करने का आधार क्या है और SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों का आधिकारिक जवाब क्या होगा।
कांग्रेस के आरोपों ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी
ECINET सॉफ्टवेयर और SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को तत्काल निलंबित करने की मांग कर रही है। अब इस विवाद में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य अहम होंगे, ताकि आरोपों और तथ्यों के बीच स्पष्ट अंतर सामने आ सके।
Written & Edit by : Chandan Patel
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