Jamui News: बिहार के जमुई से न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। करीब साढ़े तीन साल पुराने चर्चित शादाब आलम हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला जमुई में चर्चित रहे इस हत्याकांड में न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
दोस्त की हत्या के मामले में चारों दोषियों को उम्रकैद
अदालत ने मोहम्मद शादाब आलम उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में मोहम्मद संजर, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आमिर उर्फ गोरु को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं चुकाने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
आर्म्स एक्ट में भी हुई अलग से सजा
मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद संजर को हत्या के अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी अलग से दोषी ठहराया गया और अतिरिक्त सजा सुनाई गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 8 जनवरी 2023 का है। मृतक के भाई मोहम्मद सरफराज आलम ने जमुई थाना में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि शाम करीब 5 बजे उन्होंने अपने भाई शादाब को 50 हजार रुपये रखने के लिए दिए थे।
इसी दौरान शादाब के चार दोस्त मोहम्मद संजर, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आमिर उर्फ गोरु वहां पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए।
करीब 7 बजे सूचना मिली कि शादाब की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
महिसौड़ी चौक के पास मिला था शव
परिजन जब महिसौड़ी चौक स्थित आजाद नगर पहुंचे तो शादाब का शव सड़क पर पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की थी।
मृतक के भाई के बयान के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
2023 में वार्ड पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका था शादाब
मोहम्मद शादाब आलम उर्फ गुड्डू स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय था। उसने वर्ष 2023 में नगर परिषद वार्ड पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। उसकी हत्या के बाद इलाके में काफी तनाव का माहौल बन गया था और यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा।
अदालत में दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक धीरज कुमार और अपर लोक अभियोजक मोहम्मद ताहिर अंसारी ने अदालत के समक्ष गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से सीताराम सिंह, सत्यजीत कुमार और साकिब जफर ने अपने मुवक्किलों के पक्ष में दलीलें पेश कीं।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई।
यह फैसला जमुई के चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Highlights)
- 8 जनवरी 2023 को हुई थी शादाब आलम की हत्या।
- दोस्ती के नाम पर साथ ले जाकर गोली मारने का आरोप।
- चारों आरोपियों को आजीवन कारावास।
- प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना।
- मुख्य आरोपी मोहम्मद संजर को आर्म्स एक्ट में भी अलग सजा।
- जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव की अदालत का फैसला।
Written & Edit by : Chandan Patel.

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