गिद्धौर (जमुई): केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और बिहार सरकार की लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन (फेज-2) के तहत गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने का सपना गिद्धौर प्रखंड की कोल्हुआ पंचायत में अधूरा नजर आ रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र (Waste Processing Unit), डंपिंग यार्ड, ई-रिक्शा, मैनुअल रिक्शा और घर-घर वितरित गीला-सूखा डस्टबिन आज उपयोग के बजाय बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही, कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं मिलने और रखरखाव के अभाव में पूरी योजना लगभग ठप हो चुकी है। नतीजतन पंचायत के कई इलाकों में कचरे का नियमित उठाव नहीं हो रहा और जगह-जगह गंदगी का अंबार लगने लगा है।

लाखों रुपये खर्च, लेकिन जमीनी हकीकत निराशाजनक

कोल्हुआ पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक वार्ड में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करने के लिए मनरेगा और 15वें वित्त आयोग की राशि से लाखों रुपये खर्च किए गए थे। उद्देश्य था कि गांवों को स्वच्छ बनाते हुए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए।

लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि पंचायत का अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र वीरान पड़ा है, कई जगहों पर डंपिंग यार्ड जर्जर हो चुके हैं और कचरे के वर्गीकरण व रीसाइक्लिंग की व्यवस्था भी बंद पड़ी है।

स्वच्छ
कोल्हुआ पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन की व्यवस्था बदहाल।

मानदेय नहीं मिलने से ठप हुई यह व्यवस्था: ग्रामीण

ग्रामीण कुणाल सिंह, विकास सिंह, मनीष भदौरिया, राकेश सिंह, कालेश्वर मांझी और गिरीश मांझी सहित अन्य लोगों का कहना है कि सफाई कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं मिलने के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

उनका आरोप है कि पंचायत भवन में खड़ी बैट्री चालित ई-रिक्शाएं धूल फांक रही हैं, जबकि मोहल्लों में कचरे का नियमित उठाव नहीं होने से गंदगी फैल रही है।

बीमारी फैलने का खतरा, योजना जल्द चालू करने की मांग

ग्रामीण प्रभु यादव, अशोक यादव, फूलो पासवान और बंधु यादव समेत कई लोगों ने प्रशासन से बकाया मानदेय का भुगतान कर योजना को तत्काल शुरू कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो बरसात के मौसम में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

क्या कहती हैं प्रखंड स्वच्छता समन्वयक?

प्रखंड स्वच्छता समन्वयक प्रियंका कुमारी ने बताया कि प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में कचरे का नियमित उठाव किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ पंचायतों में ठेला और ई-रिक्शा खराब होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है, जिसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

बीपीआरओ ने क्या कहा?

प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गौरव कुमार ने कहा है कि योजना के संचालन और रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ही दे सकते हैं।

बीडीओ बोले- समस्या का कराया जाएगा समाधान

प्रखंड विकास पदाधिकारी ई. सुनील कुमार ने कहा कि यदि कहीं कचरे का उठाव नहीं हो रहा है तो उसे शुरू कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अपशिष्ट प्रसंस्करण यूनिट की व्यवस्था में जो भी समस्या है, उसका समाधान कराया जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • कोल्हुआ पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन की व्यवस्था बदहाल।
  • लाखों रुपये खर्च के बावजूद अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र बंद।
  • डंपिंग यार्ड जर्जर, कचरा उठाव प्रभावित।
  • ई-रिक्शा पंचायत भवन में खड़े-खड़े हो रहे खराब।
  • ग्रामीणों ने मानदेय भुगतान और योजना बहाल करने की मांग की।
  • प्रशासन ने जल्द समस्या दूर करने का दिया भरोसा।

Written & Edit by : Chandan Patel.

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