Jamui News: बिहार के जमुई जिले सहित देश के कई राज्यों में लिथियम बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा (टोटो) चालकों के सामने एक नई और गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। चालक दावा कर रहे हैं कि उनके ई-रिक्शा बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक सड़क पर चलते-चलते बंद हो जाते हैं। इससे न सिर्फ उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी अब खतरे में पड़ रही है।

ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि कुछ शरारती तत्व मोबाइल में BAT-BMS नामक ऐप के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर बैटरी को स्विच ऑफ कर देते हैं। यदि यह दावा सही है, तो यह सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा दोनों के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है।

सड़क पर अचानक रुक जाते हैं ई-रिक्शा, बढ़ रही चालक की परेशानी

जमुई के कई ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन सामान्य गति से चल रहा होता है, लेकिन अचानक बीच सड़क में बंद हो जाता है। बैटरी, मोटर और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच कराने के बाद भी कोई खराबी नहीं मिलती। ऐसे में चालक घंटों सड़क पर फंसे रहते हैं और यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ता है।

इस समस्या से रोजाना कमाई करने वाले टोटो चालकों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।

कृष्णा राम बोले – मिस्त्री भी नहीं समझ पाए वजह

जमुई में टोटो चला रहे कृष्णा राम ने बताया कि उनका ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक बंद हो गया। काफी कोशिश के बाद भी वाहन चालू नहीं हुआ। मिस्त्री बुलाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। आखिरकार शोरूम से संपर्क करने पर पता चला कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में दिक्कत आई थी, जिसके बाद वाहन दोबारा चालू हो सका।

महिसौड़ी चौक के पास बीच सड़क में बंद हुआ टोटो

महिसौड़ी चौक से अमरथ जा रहे ई-रिक्शा चालक मोहन सिंह ने बताया कि चौक के पास उनका टोटो अचानक बंद हो गया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद ही वाहन दोबारा चल पाया। इस दौरान यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

चार्जिंग भी बंद कर देती है यह समस्या

खैरा जा रहे चालक मनीष कुमार ने बताया कि उनके ई-रिक्शा ने अचानक चार्जिंग लेना बंद कर दिया। वाहन को खींचकर किसी तरह शोरूम ले जाया गया, जहां तकनीकी जांच के बाद समस्या दूर की गई।

चालकों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा में ही सामने आ रही है।

क्या है बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS)?

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लिथियम-आयन बैटरी का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह बैटरी की चार्जिंग, डिस्चार्जिंग, तापमान, वोल्टेज और सुरक्षा पर पूरी नजर रखता है। कई आधुनिक लिथियम बैटरियों में ब्लूटूथ आधारित BMS भी लगाया जाता है, जिससे मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति देखी जा सकती है।

क्या है BAT-BMS ऐप?

BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसका उपयोग लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी और प्रबंधन के लिए किया जाता है। इसके जरिए बैटरी का वोल्टेज, करंट, चार्जिंग प्रतिशत, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारियां रियल टाइम में देखी जा सकती हैं। वही यह सामान्य रूप से बैटरी की सुरक्षा और प्रदर्शन बेहतर बनाए रखने के लिए भी उपयोग की जाती है।

हालांकि, चालकों का दावा है कि जिन बैटरियों का ब्लूटूथ पासवर्ड सुरक्षित नहीं है, उनमें कुछ लोग इस ऐप के जरिए अनधिकृत रूप से कनेक्ट होकर बैटरी को बंद कर देते हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यदि ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है।

ई-रिक्शा
BAT-BMS को लेकर टोटो चालकों का बड़ा दावा

कैसे हो सकती है छेड़छाड़?

बताया जा रहा है कि कुछ शरारती तत्व ई-रिक्शा के पास खड़े होकर मोबाइल से ब्लूटूथ के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से कनेक्ट होने की कोशिश करते हैं। यदि बैटरी डिफॉल्ट पासवर्ड पर चल रही हो या बिना पासवर्ड के उपलब्ध हो, तो बैटरी को स्विच ऑफ करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

ऐसे करें बचाव

  • बैटरी का डिफॉल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • मजबूत और अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति को बैटरी से कनेक्ट न होने दें।
  • संदिग्ध गतिविधि दिखने पर सतर्क रहें।
  • समय-समय पर शोरूम या अधिकृत सर्विस सेंटर से BMS की जांच कराएं।
  • यदि निर्माता ने नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया हो तो उसे अवश्य इंस्टॉल कराएं।

प्रशासन और कंपनियों से कार्रवाई की मांग

ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन और बैटरी निर्माता कंपनियों से मांग की है कि इस समस्या की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही ऐसी बैटरियों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए ताकि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच न बना सके।

जमुई सहित कई क्षेत्रों से सामने आ रही यह समस्या

जमुई सहित कई क्षेत्रों से सामने आ रही यह समस्या केवल ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी का ही सवाल नहीं है, बल्कि सड़क पर चल रहे यात्रियों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। यदि वास्तव में ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए अनधिकृत छेड़छाड़ संभव है, तो संबंधित कंपनियों और प्रशासन को तत्काल इसकी जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए।

Written & Edit by : Chandan Patel.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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