जमुई (बिहार): शुक्रवार शाम जिले में अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज धूल भरी आंधी, बूंदाबांदी और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस दौरान चकाई में एक दर्दनाक हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि सोनो क्षेत्र में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
30 मिनट तक चली तेज आंधी, जनजीवन प्रभावित
शाम करीब 5 बजे शुरू हुई तेज आंधी लगभग 30 मिनट तक चली। इस दौरान पूरे जिले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन तेज हवाओं और उड़ती धूल ने परेशानी भी बढ़ा दी।

मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 8 से 10 किमी/घंटा रही
मौसम विभाग के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर रुककर आंधी थमने का इंतजार करते नजर आए।
कई इलाकों में बूंदाबांदी, सोनो में ओलावृष्टि
आंधी के साथ-साथ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। वहीं सोनो क्षेत्र में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवा का व्यापक असर देखा गया।
गर्मी से राहत, लेकिन खतरे भी बढ़े
इस अचानक बदलाव से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं वज्रपात जैसी घटनाओं ने खतरे की चेतावनी भी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकते हैं।
प्रशासन और लोगों के लिए सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित जगहों पर शरण लें। खासकर वज्रपात के समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
