गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र में दोघट मोड़ से गिद्धौर पुल तक बालू लदे ट्रकों की लंबी कतार लगने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर ट्रकों के कब्जे जैसी स्थिति बन गई है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीण, वाहन चालक और राहगीर घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। आए दिन सड़क पर बालू लदे ट्रकों की भीड़ लग जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। बावजूद इसके संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
गिद्धौर में मरीजों और राहगीरों को हो रही भारी परेशानी
जाम के कारण सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें जरूरी काम से बाजार, कार्यालय या अस्पताल जाना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
राहगीरों का कहना है कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग रहा है। सड़क पर ट्रकों की लंबी लाइन के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

गिद्धौर में सड़क सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
बालू लदे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और सड़क पर लगी लंबी कतार से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। सड़क संकरी होने के कारण छोटे वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण कई बार सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार जाम की समस्या से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि आम जनता रोजाना परेशानी झेल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि बालू लदे ट्रकों के संचालन के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
जनता पूछ रही सवाल, आखिर कब मिलेगी जाम से राहत?
दोघट मोड़ से गिद्धौर पुल तक रोजाना लगने वाला जाम अब क्षेत्र की बड़ी समस्या बनता जा रहा है। आम जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक बालू लदे ट्रकों के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी और कब प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा।
Written by : Chandan Patel.
Reported by: Bikki Kumar
