Delhi Became A River: दिल्ली में सिर्फ एक से दो दिन की बारिश ने सब पोल खोल दिया है। वो भी उस दिल्ली की जहा देश में उच्च पदों पर बैठे सरकारी अफ़सर,देश के प्रधानमंत्री, होम मिनिस्टर, रक्षामंत्री या यू कहे देश को चलाने वालों सब यही रहते हैं तब जाकर राजधानी दिल्ली का ये हाल है मगर जरा सोचिए देश का बाकी हिस्से का क्या हाल होगा और ये लोग एक दूसरे के ऊपर दोष मड़कर अपना पल्ला झाड़ा लेंगे लेकिन आफ़त तो दिल्ली के नागरिकों के लिए है । दिल्ली को बारिश में डूबने से बचाने के लिए सिविक एजेंसियां हर कदम पर बिलकुल ही नाकाम दिखीं है। अब तक किसी तरह का इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार नहीं हो सका है। दिल्ली में नालों से गाद निकालने का काम भी अधूरा है। वहीं, बचाव के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कोई भी आदेश जारी नहीं किया। इस लापरवाही का नतीजा शुक्रवार की बारिश में दिल्लीवालों को झेलना पड़ा है। एलजी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। वहीं, छुट्टी पर गए अधिकारी तत्काल प्रभाव से लौटने को कहा गया है। अगले दो माह तक किसी भी अधिकारी को छुट्टी नहीं मिलेगी।

दिल्ली
दिल्ली मेयर और अधिकारी के साथ बैठक करते हुए

इससे पहले मूसलाधार बारिश में दिल्ली के डूबने के बाद आनन-फानन में उपराज्यपाल, दिल्ली सरकार और मेयर ने अपने-अपने दफ्तरों में आपात बैठकें कीं और बिगड़े हालात संभालने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इस दौरान गाद निकालने व जलजमाव को रोकने में नाकामी पर अधिकारियों को फटकार लगाई है। उपराज्यपाल ने आगे इस तरह की स्थिति पैदा न होने की अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है। सभी की छुट्टियां रद्द करने के साथ दो माह तक कोई भी छुट्टी लेने की बंदिश भी लगा दी है।

एलजी ने आदेश दिया है कि 24 घंटे काम करने वाला एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। जहां सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कंट्रोल रूम एक नंबर जारी किया जाएगा। पानी निकालने के लिए सभी पंपों का परीक्षण किया जाए। इन्हें जरूरत के आधार पर 24 घंटे सातों दिन इस्तेमाल करने के लिए फील्ड स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी।

दिल्ली
दिल्ली डूबा हुआ

जरूरत पड़ने पर मोबाइल पंपों का भी उपयोग होगा। निचले इलाकों, विशेष रूप से अनधिकृत कॉलोनियों और जहां पर जलभराव सबसे अधिक होता है, वहा अंडरपास और सुरंगों में तैनात किया जाना चाहिए। नालों के गाद को निकालने के शेष कार्य को एक सप्ताह में पूरा करने को कहा गया है। साथ ही नालियों के किनारे से मलबा हटाने, खुली नालियों साफ करने को कहा गया है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस करेगी अपडेट

बैठक में कहा गया है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जलजमाव के मामले में नियमित रूप से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करेगी। साथ ही ऐसी जगहों के बारे में संबंधित विभाग, एजेंसियों और सेंट्रल कंट्रोल रूम को जानकारी देगी। हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से पानी के बहाव के आकलन और बारिश की जानकारी के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग नियमित रूप से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में अपने समकक्षों के साथ संपर्क में रहेगा।

दिल्ली में सक्रिय होगा डिजास्टर रेसपॉन्स सेल

दिल्ली में ज्यादा बारिश होने पर डिजास्टर रिस्पांस सेल को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही जरूरत के आधार पर एनडीआरएफ (NDRF ) की मदद ली जाएगी। करंट लगने की आशंका को खत्म करने के लिए बिजली विभाग काम करेगा। कहीं भी नंगे तार की समस्या को दूर करेगा।

हेल्पलाइन नंबर जारी

उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों से निवेदन है कि यदि जलजमाव की कोई शिकायत हो, तो 1800110093 पर कॉल करे या 8130188222 पर वॉट्सऐप कर कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दें। ट्रैफिक पुलिस, MLA पार्षदों से पानी भरने वालों जगह की लिस्ट मांगी गई है। मुख्य सचिव सभी शिकायतों का निवारण करेंगे।

एलजी पर दिल्ली सरकार का बयान

वहीं, LG वीके सक्सेना के आरोपों पर दिल्ली सरकार का बयान आया है। दिल्ली सरकार ने कहा कि ये राजनीति का समय नहीं है। अभी मिलकर दिल्ली की समस्या का समाधान करना होगा। दिल्ली में NDMC एरिया में भी पानी भरा है। एयरपोर्ट की छत भी गिर गई है। अभी साथ मिलकर काम करना होगा। बता दें, एलजी सक्सेना ने कहा था कि वर्तमान हालात के लिए दिल्ली सरकार की निष्क्रियता जिम्मेदार है।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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