लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी के जवाब के दौरान वॉकआउट किया है. बड़ी बात ये कि जब प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर बात शुरू की, जब सरकार की तरफ से पीएम मोदी कांग्रेस को घेर रहे थे.

पीएम मोदी ने कहा, सुनने का धैर्य नहीं. झूठ बोलो और भाग जाओ. यही विपक्ष का खेल है. विपक्ष को बोलने की हिम्मत तो होती है लेकिन इनमें सुनने की क्षमता नहीं होती.

अगर इन्होंने गृह मंत्री के मणिपुर विषय पर बात पर गंभीरता दिखाई होती तो फिर हर मुद्दे पर चर्चा की जो सकती है. वो आज अविश्वास प्रस्ताव लाएं, तो हमारा दायित्व बनता है कि हम भी इस पर बात करें. लेकिन न तो चाहत थी, न इरादा था. उन पेट में दर्द था ओर वो सिर फोड़ रहे थे.

“मणिपुर की स्थिति पर गृह मंत्री अमित शाह ने दो घंटे विस्तार से समझाया और देश की चिंता को प्रकट किया था. विपक्ष को उसे चुनना चाहिए था.”

मणिपुर और ‘भारत माता की हत्या‘ वाले बयान पर क्या कहा

पीएम मोदी के बोलने के दौरान विपक्ष ने शाम 6.42 के करीब वॉकआउट किया.

जब विपक्ष वॉकआउट कर गया तो पीएम मोदी ने कहा, अमित भाई ने कल विस्तार से बताया है कि मणिपुर में अदालत का एक फ़ैसला आया. अदालतों में क्या हो रहा है, हम जानते हैं. उसके पक्ष और विपक्ष में जो परिस्थितियां बनीं.

पीएम मोदी ने कहा, हिंसा का दौर शुरू हो गया. इसमें बहुत परिवारों को मुश्किल हुए. अनेक लोगों ने अपने स्वजन भी खोए. महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुआ. ये अपराध अक्षम्य है. दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार भरपूर प्रयास कर रही है. मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस तरह प्रयास चल रहे हैं, शांति का सूरज जरूर उगेगा.

मैं मणिपुर के लोगों से भी आग्रह करना चाहता हूं. वहां की माताओं और बेटियों से कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ हैं. ये सदन आपके साथ है. हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकालेंगे. वहां फिर से शांति होगी. मैं मणिपुर के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि मणिपुर एक बार फिर विकास के रास्ते पर तेज गति से आगे बढ़े, उसमें प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

राहुल गांधी ने मणिपुर में भारत माता और हिंदुस्तान की हत्या होने की बात कही थी.

पीएम मोदी ने इस पर हमला बोलते हुए कहा, “सत्ता के बिना लोगों का क्या हाल हो जाता है. मां भारती के बारे में जो कहा गया, वो देश को चुभा.

इनसे पूछो कि कच्छतीवु क्या है?

पीएम मोदी ने इस दौरान कच्छथीवू का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस सरकार को घेरा. पीएम मोदी ने संसद में कहा है कि कांग्रेस का इतिहास माँ भारती को छिन्न–भन्न करने का रहा है.

पीएम मोदी ने कहा, ये जो बाहर गए हैं न…. कोई पूछे इनसे (विपक्ष) कि कच्छतीवु क्या है. इतनी बड़ी बातें करते हैं न… पूछिए कि कच्छतीवु कहां है. इतनी बड़ी बातें लिखकर देश को गुमराह करने का प्रयास करते हैं.

डीएमके वाले, उनकी सरकार, उनके मुख्यमंत्री मुझे चिट्ठी लिखते हैं कि मोदी जी कच्छतीवू वापस ले आइए. ये कच्छतीवू है कहां. तमिलनाडु से आगे… श्रीलंका से पहले एक टापू किसने किसी दूसरे देश को दे दिया था. कब दिया था.

क्या ये भारत माता नहीं थी वहां. क्या वो माँ भारती का अंग नहीं था. इसे भी आपने तोड़ा. कौन था उस समय?

श्रीमति इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था. कांग्रेस का इतिहास माँ भारती को छिन्न–भिन्न करने का रहा है. कांग्रेस का माँ भारती के प्रति प्रेम क्या रहा है…एक सच्चाई बड़े दुख के साथ मैं इस सदन के सामने रखना चाहता हूं. ये पीड़ा वो नहीं समझ पाएंगे. मैं नॉर्थ ईस्ट के चप्पे–चप्पे पर घूमा हुआ व्यक्ति हूं. जब राजनीति में कुछ नहीं था तब भी अपने पैर वहां घिसता था. मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव है उस क्षेत्र के साथ, इन्हें अंदाज नहीं है.

लोकसभा में गिरा अविश्वास प्रस्ताव

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार शाम सदन की कार्यवाही ख़त्म होने से पहले केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के गिरने की घोषणा की है.

इससे पहले इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तीन दिन तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों की ओर से अपने विचार रखे गए.

विपक्ष इस अविश्वास प्रस्ताव को मणिपुर के मुद्दे पर लेकर आया था.

पीएम मोदी की ओर से जवाब दिए जाने के बाद लोकसभा स्पीकर ने इस मुद्दे पर ध्वनि मतदान से मतदान कराया जिसके बाद प्रस्ताव गिरने का एलान किया गया.

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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